शक्कर की कीमत में गिरावट (सोर्स: सोशल मीडिया)
नागपुर

शक्कर के दाम में 1,000 रुपये क्विंटल की गिरावट: 10 लाख टन आयात, स्टॉक लिमिट सख्ती से थोक व खुदरा बाजार को राहत

Rise In Sugar Prices In The Nagpur: नागपुर थोक बाजार में शक्कर की बढ़ती कीमतों पर ब्रेक लग गया है। 7,200 रुपये के रिकॉर्ड स्तर से गिरकर भाव 6,200 रुपये क्विंटल पर आ गए हैं, जानें ताजा भाव।

वेदांत जोशी

Sugar Price Drop In Wholesale Market: नागपुर पिछले कुछ दिनों में तेजी से बढ़ी शक्कर की कीमतों से परेशान उपभोक्ताओं और कारोबारियों को फिलहाल राहत मिली है। नागपुर के थोक बाजार समेत देशभर में करीब 7,200 रुपये प्रति क्विंटल के उच्चतम स्तर तक पहुंच चुके शक्कर के भाव में अचानक गिरावट आई है।

केंद्र सरकार की ओर से जमाखोरी रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बाद थोक बाजार में कीमतें करीब 1,000 रुपये प्रति क्विंटल तक टूटकर 6,000 से 6,200 रुपये पर आ गई हैं। खुदरा बाजार में शक्कर फिलहाल करीब 64 से 65 रुपये प्रति किलो बिक रही है।

स्टॉक लिमिट और आयात का असर

बाजार जानकारों और स्थानीय कारोबारियों के मुताबिक केंद्र सरकार की ओर से स्टॉक लिमिट तय करने, खरीदे गए माल को निर्धारित अवधि में बेचने और 10 लाख टन शक्कर के आयात की अनुमति देने जैसे फैसलों का बाजार की धारणा पर असर पड़ा है। इन कदमों से जमाखोरी पर अंकुश लगाने और बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंता कम करने में मदद मिली है।

हालांकि कीमतों में आई गिरावट के बावजूद व्यापारिक हलकों में पूरी तरह अनिश्चितता खत्म नहीं हुई है। शक्कर कारोबारियों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में बाजार में आपूर्ति और सरकारी फैसलों का कीमतों पर क्या असर पड़ता है।

कारोबारियों ने स्टॉक लिमिट पर उठाए सवाल

शक्कर कारोबारी अनिल अग्रवाल का कहना है कि सरकार की सख्ती से जमाखोरी पर अंकुश लगा है, लेकिन 4,000 बोरी की स्टॉक लिमिट अभी भी अधिक है। उनके अनुसार सरकार को इस सीमा को और कम करने पर विचार करना चाहिए, क्योंकि बड़ी मात्रा में स्टॉक रखने की गुंजाइश बनी रहने से भविष्य में कीमतों पर दोबारा दबाव बन सकता है।

एक कारोबारी ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि 10 बड़े व्यापारी अधिकतम सीमा के अनुसार करीब 40,000 बोरी तक स्टॉक जमा कर लें, तो बाजार में कृत्रिम कमी की स्थिति पैदा करने की आशंका बनी रह सकती है। इससे कीमतों में फिर तेजी आ सकती है।

फिलहाल थोक कीमतों में आई गिरावट ने बाजार को कुछ राहत दी है। लेकिन आगे शक्कर के भाव किस दिशा में जाते हैं, यह आपूर्ति, आयात और स्टॉक नियंत्रण से जुड़े सरकारी कदमों के प्रभाव पर निर्भर करेगा।

कर्नाटक वाल्मीकि निगम मामले में घिरे नागेंद्र, BJP ने बनाया दबाव, इस्तीफे की अटकलों पर खुद दिया जवाब

जिनेवा में भारत का करारा जवाब, आखिर किस UN रिपोर्ट पर भड़का विदेश मंत्रालय? वैश्विक मंच पर दी सख्त चेतावनी

Indigo Flight 6E231 में बम की धमकी से हड़कंप, बेंगलुरु में सुरक्षित लैंडिंग, जांच में निकली अफवाह

इस्लाम में बुर्का नहीं, पर्दा जरूरी! इलाहाबाद हाईकोर्ट के हिजाब फैसले पर प्यारे खान का बड़ा बयान

अखिलेश के दावे इमरान मसूद का जवाब, बोले- राहुल गांधी और BJP के बीच असली लड़ाई, बाकी सब सहयोगी