Illegal Sand Mining In Nagpur: नागपुर जिले में सावनेर तहसील के रामडोंगरी एवं गोसेवाड़ी क्षेत्र में रात के अंधेरे का फायदा उठाकर कथित रूप से बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन किए जाने की चर्चाओं ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, अंधेरा होते ही क्षेत्र में रेत से लदे वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि यह गतिविधियां वास्तव में चल रही हैं तो संबंधित विभागों की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ रही। स्थानीय स्तर पर रेत तस्करी को लेकर लंबे समय से चर्चाएं होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं देने से नागरिकों में नाराजगी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय नदी-पात्र एवं आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियां बढ़ जाती हैं और रेत परिवहन में लगे वाहनों की आवाजाही से ग्रामीण मार्गों पर भी दबाव बढ़ता है। इस संबंध में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत की गई हैं। इससे अब वे क्या कार्रवाई करते है इस ओर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।
नागपुर जिले में सावनेर तहसील के रामडोंगरी एवं गोसेवाड़ी क्षेत्र में रेत उत्खनन और परिवहन पर नियंत्रण के लिए राजस्व, पुलिस तथा संबंधित प्रशासनिक विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इसके बवजूद रामडौंगरी और गोसेवाडी क्षेत्र में कथित अवैध गतिविधियों की शिकायतों के बीच ठोस कार्रवाई का अभाव चर्चा का विषय बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्राशासन नियमित रूप से रात के समय गश्त और जांच अभियान चलाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
नागपुर जिले में सावनेर तहसील के रामडोंगरी एवं गोसेवाड़ी क्षेत्र में रेत तस्करी की कथित गतिविधियों को लेकर अब ग्रामीण पुलिस अधीक्षक की निगाहें इस पूरे मामले पर टिक गई हैं।
नागरिकों को उम्मीद है कि पुलिस प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाएगा और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों में यह भी चर्चा है कि स्थानीय स्तर पर शिकायतों और गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद प्रशासनिक अमला प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है।
हालांकि संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही इन आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। नागरिकों ने मांग की है कि रामडोंगरी और गोसेवाड़ी क्षेत्र में रात के समय विशेष जांच अभियान चलाकर रेत उत्खनन एवं परिवहन की स्थिति की जांच की जाए।