नागपुर स्नातक चुनाव में अनिल सोले पीछे हटेंगे या डटे रहेंगे सभी की निगाहें टिकीं, बीजेपी में मचा हुआ है हड़कंप

Anil Sole BJP Rebel: नागपुर स्नातक चुनाव में भाजपा के बागी प्रो. अनिल सोले के नॉट रिचेबल होने से हलचल तेज है। आज नामांकन वापसी की अंतिम तिथि पर भाजपा की नजरें सोले के कदम पर टिकी हैं।
Nagpur Graduate Constituency Election
अनिल सोलेसोर्स- सोशल मीडिया
Published on: 
Updated on: 

Nagpur Graduate Constituency Election: नागपुर स्नातक चुनाव में भाजपा के बागी उम्मीदवार प्रो. अनिल सोले के नामांकन भरने और उसके बाद 'नॉट रिचेबल' हो जाने से पार्टी में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकृत उम्मीदवार सुधाकर कोहले व उनके समर्थक भी सोले के रवैये से इस चुनाव में असमंजस की स्थिति में फंसे हुए हैं।

आज यानी 9 अक्टूबर को नामांकन वापसी की अंतिम तारीख है और पार्टी के ही बेहद विश्वसनीय सूत्र की मानें तो सोले अपना नाम वापस लेने वाले हैं। यह भी जानकारी मिली कि 'वाड़ा' से उन्हें ऐसा करने को कहा गया है।

अगर अब तक अड़े हुए सोले सचमुच अपना नाम वापस लेते हैं तो यह कोहले ही नहीं बल्कि पूरी पार्टी के लिए राहत भरा होगा क्योंकि उनके नामांकन वापसी के लिए प्रयास करने वालों के वै हाथ ही नहीं आए हैं।

यह भी बताते चलें कि सोले ने अधिकृत उम्मीदवार कोहले के नामांकन पत्र पर आपत्ति दर्ज कराई थी और बाद में स्वयं ही अपनी आपत्ति वापस ले ली थी। इससे भी उनके अंत समय तक नाम वापस लेने के कयास लगने लगे। हालांकि जब तक सोले अपना नामांकन वापस नहीं ले लेते तब तक पार्टी नेताओं की चिंता खत्म नहीं होने वाली है।

40 और नेताओं की नई टीम तैयार

भाजपा ने 3 दिन पहले ही नेताओं की फौज खड़ी की थी। अब करीब 40 और नेताओं को जिला प्रभारी तथा विधानसभा क्षेत्रवार जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी के चुनाव प्रमुख विधायक प्रवीण दटके ने गुरुवार को 40 प्रभारी और सहप्रभारियों की घोषणा की। इसके अलावा प्रत्येक जिले के लिए अलग-अलग पालक भी नियुक्त किए गए है।

नागपुर के पालक विधायक परिणय फुके हैं, जबकि शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी को चुनाव प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है। दक्षिण-पश्चिम नागपुर की जिम्मेदारी संदीप जोशी, रमेश भडारी, पश्चिम नागपुर में श्रीकांत आगलावे, संजय बंगाले अनिरुद्ध पालकर, किशन गावंडे और मध्य नागपुर में गिरीश पुराणिक, रामभाऊ आंबुलकर को प्रभारी बनाया गया है।

दक्षिण नागपुर में मोहन मते, येवेन दस्तुरे, उत्तर नागपुर में संदीप जाधव, मिलिंद माने और पूर्व नागपुर में कृष्णा खोपड़े, प्रमोद पेंडके को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Nagpur Graduate Constituency Election
36 घंटे का शटडाउन, 72 घंटे बाद भी सूखे नल, नागपुर में बूंद-बूंद पानी को तरसे लोग, मनपा बेखबर

आज खुलेगा अनिल सोले का प्रचार कार्यालय

अनिल सोले 9 अक्टूबर की शाम को भाजपा के पूर्व विधायक व संघ के करीबी समझे जाने वाले गिरीश व्यास के बड़कस चौक स्थित कार्यालय से अपने चुनाव प्रचार कार्यालय शुरू करने वाले हैं।

यह कार्यालय केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और विधायक व स्नातक चुनाव प्रमुख प्रवीण दटके के निवास के समीप है। सुधाकर कोहले को अधिकृत उम्मीदवारी मिलने के बाद ऐसा लगा था कि पार्टी के दूसरे नेता सोले से दूरी बनाएंगे लेकिन व्यास ने उन्हें अपना कार्यालय उपलब्ध कराया है।

बताते चलें कि चुनाव की घोषणा के बाद व्यास व संजय भेंडे ने सोले का सत्कार समारोह आयोजित किया था जिसमें गडकरी भी उपस्थित हुए थे। अनेक भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर सोले का प्रचार कर रहे हैं। यह कोहले ही नहीं भाजपा के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकता है।

नितिन गड़करी द्वारा सोले को मनाने की कोशिश करने पर चर्चा

इधर, सोशल मीडिया में सोले के बागी उम्मीदवार के रूप में मैदान में डटे रहने की खबरें वायरल ही रही है।

यह भी बता दें कि बुधवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी के निवास पर भाजपा की कोर कमेटी की बैठक हुई थी जिसमे अनिल सोले की नामांकन वापस लेने के लिए गहकरी द्वारा उन्हें मनाने की कोशिश करने पर चर्चा हुई।

इस दौरान सोले से फोन पर संपर्क करने का प्रयास भी किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका ग्रा। गुरुवार को दोपहर के बाद सोले द्वारा नामांकन वापस नहीं लिए जाने का दावा करने वाली खबरें सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com