शहर की सड़कों पर गड्ढों की सांकेतिक फोटो  (सोर्स: AI)
नागपुर

गणेशोत्सव में महज 5 दिन बाकी, गड्ढों में हिचकोले खाएंगे बप्पा? नागपुर में प्रशासन के दावे फुस्स

Nagpur Road Pothole: गणेशोत्सव की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं, लेकिन नागपुर की सड़कें बड़े-बड़े गड्ढों से पटी पड़ी हैं, जिससे बप्पा की शोभायात्राओं के दौरान हादसों का खतरा मंडरा रहा है।

मनीषा बोंदरे

Nagpur Ganeshotsav Road Safety: गणेशोत्सव में अब महज कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन शहर की सड़कों पर बने गड्ढे प्रशासन के दावों की पोल खोल रहे हैं।

बड़े फ्लाईओवर और सड़कों के निर्माण के दावों के बीच कई प्रमुख मार्गों की हालत ऐसी है कि वाहन चालकों को सड़क से ज्यादा गड्ढे नजर आ रहे हैं।

खास चिंता उन रास्तों को लेकर है, जहां से गणेश प्रतिमाओं की आवाजाही और सार्वजनिक गणेश मंडलों की शोभायात्राएं निकलेंगी। बारिश के बीच गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ जाता है।

उत्तर नागपुर में हालात सबसे खराब

उत्तर नागपुर के कई इलाकों में सड़कें बेहद खराब स्थिति में हैं। कमाल चौक, पांचपावली रोड, पारडी फ्लाईओवर, उमिया धाम फैक्ट्री एरिया, टेका नाका, इंदोरा चौक, जरीपटका और कांजी हाउस जैसे क्षेत्रों में बड़े गड्ढों के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नागपुर चितारओली से निकलने वाले कई सार्वजनिक गणेश मंडलों की मूर्तियां इन्हीं मार्गों से उत्तर नागपुर ले जाई जाती हैं। वहीं कांजी हाउस क्षेत्र में गणेश प्रतिमाओं की कई दुकानें हैं। खराब सड़क और गहरे गड्ढों के कारण प्रतिमाओं की सुरक्षित आवाजाही को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

लोहापुल-सीताबर्डी मार्ग बना एक्सीडेंट स्पॉट

लोहापुल से नागपुर सीताबर्डी की ओर आने वाले मार्ग पर माता मंदिर के पास बड़े गड्ढों के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। यहां ट्रैफिक जाम की समस्या भी सामने आ रही है। इसी मार्ग से मोदी नंबर 2 और 3 के गणेश मंडलों की शोभायात्राएं गुजरती हैं।

नागरिकों में नाराजगी

नागरिकों का कहना है कि गड्ढों से बचने के प्रयास में वाहन चालकों को अचानक दिशा बदलनी पड़ती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। उनका कहना है कि गणेशोत्सव को देखते हुए कम से कम तत्काल गिट्टी डालकर बड़े गड्ढों को भरा जाना चाहिए।

जेट पैचर मशीनें भी नहीं रोक पा रहीं गड्ढे

मनपा प्रशासन का कहना है कि गड्ढे भरने का काम निरंतर प्रक्रिया है और इसके लिए जेट पैचर जैसी आधुनिक मशीनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बावजूद कई प्रमुख सड़कों पर गड्ढे जस के तस बने हुए हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि गणेशोत्सव से पहले प्रशासन इन सड़कों की हालत सुधार पाता है या नहीं। श्रद्धालुओं और गणेश मंडलों की सुरक्षित आवाजाही के लिए समय रहते गड्ढे भरना जरूरी होगा।

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