

Sanjay Raut Attacks PM Modi Over Garba: विश्व हिंदू परिषद द्वारा गरबा और डांडिया पंडालों में मुसलमानों की एंट्री रोकने की अपील पर राजनीति गरमा गई है। वीएचपी की इस मांग पर शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने सीधे तौर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर तीखा तंज़ कसा है।
गरबा और डांडिया आयोजनों में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों का जिक्र किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विदेश यात्राओं के दौरान प्रधानमंत्री मस्जिदों में जाते हैं और वहां के मुस्लिम नेताओं से गले मिलते हैं।
राउत ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री विदेश में वहां के मुस्लिम नेताओं को माय ब्रदर कहकर संबोधित करते हैं। ऐसे में राउत ने सवाल उठाया कि अगर विदेश में मुस्लिम उनके भाई हैं, तो फिर यहां गरबा में भी हमारे भाइयों को नहीं रोका जाना चाहिए। उन्होंने आक्रामक अंदाज में पूछा कि विदेश में ब्रदर, यहां दुश्मन ये कैसे चलेगा।
विश्व हिंदू परिषद ने नवरात्रि उत्सव के दौरान राज्य में आयोजित होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुसलमानों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है। इसके साथ ही वीएचपी ने यह भी शर्त रखी है कि कार्यक्रमों में प्रवेश के समय पहचान पत्र का सत्यापन किया जाए और माथे पर तिलक लगाना अनिवार्य किया जाए।
गरबा पंडालों में सभी समुदायों के लोगों के प्रवेश को लेकर संजय राउत से पहले अन्य प्रमुख हस्तियों ने भी अपना रुख व्यक्त किया था। इससे पहले प्रसिद्ध अभिनेता श्रेयस तलपड़े और महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने भी कहा था कि गरबा पंडालों में सभी समुदायों के लोगों को आना चाहिए।
गरबा विवाद के अलावा संजय राउत ने त्योहारों के दौरान डीजे साउंड सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर भी अहम मांग उठाई। नागपुर में डीजे साउंड सिस्टम को लेकर जारी प्रशासनिक गाइडलाइंस और हालिया विवादों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने स्वास्थ्य चिंताओं को रेखांकित किया। संजय राउत ने कहा कि तेज आवाज वाले डीजे साउंड सिस्टम से दिल के मरीजों, बुजुर्गों और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है।
संजय राउत ने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का मुख्यालय भी है। उन्होंने मांग रखी कि केवल किसी एक शहर के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश भर में डीजे साउंड सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर एक सख्त और समान गाइडलाइन बनाई जानी चाहिए और उसका कड़ाई से पालन होना चाहिए।