Three Month Ration Distribution: राज्य सरकार द्वारा अगस्त से अक्टूबर तक यानी पूरे 3 महीनों का अनाज एक साथ उठाने और वितरित करने का आदेश जारी किया गया और यह भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अगस्त के आखिरी तक यह 3 महीने का अनाज वितरण पूरा कर लेना है।
लेकिन प्रशासन ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत संचालित होने वाली पॉस मशीन में सिर्फ अगस्त महीने का ही अनाज वितरण का कोटा उपलब्ध कराया है गया, दुकानों पर भी एक महीने की ही आपूर्ति की गई है। इससे अनाज वितरण प्रणाली के बाधित होने की स्थिति तो बन ही गई है, साथ ही सरकार अपने ही आदेश को पूरा करने में गंभीर नहीं होती दिख रही है।
ऐसे में खाद्य व नागरी आपूर्ति विभाग के कागजी आदेशों और जमीनी हकीकत के बीच इस कदर खाई पैदा हो चुकी है कि अगस्त का पहला सप्ताह बीत जाने के बाद भी गरीबों के घर में इस महीने का अनाज नहीं पहुंच पाया है। दुकानदार 3 महीने के अनाज उपलब्ध होने के इंतजार में राशन वितरण से साफ इनकार रहे हैं।
वहीं विभागीय खींचतान, आपूर्ति में भारी कमी और पॉस मशीन में तकनीकी बाधाओं के चलते फिलहाल अनाज का वितरण पूरी तरह ठप पड़ गया है। शासन ने बाकायदा सरकारी निर्णय निकालकर अगस्त, सितंबर और अक्टूबर इन 3 महीनों का अनाज एकमुश्त उठाकर वितरित करने के कड़े निर्देश दिए है लेकिन प्रशासनिक दावों की पोल तब खुल गई जब राशन दुकानों में केवल अगस्त महीने का ही खाद्यान्न पहुंचाया गया।
प्रशासनिक लापरवाही और विभागीय तालमेल की कमी का सबसे बड़ा सबूत पॉस मशीनों के सर्वर में देखने को मिल रहा है। जब शासन का स्पष्ट आदेश 3 माह का खाद्यान्न एक साथ वितरित करने का है तो आखिर पॉस मशीनों में केवल 1 महीने का ही कोटा क्यों उपलब्ध कराया गया है।
पॉस मशीनें 3 महीने के हिसाब से एंट्री स्वीकार ही नहीं कर रही हैं। ऐसे में राशन दुकानदार समझ नहीं पा रहे हैं कि वे शासन के आदेश का पालन करें या पॉस मशीन के एक महीने के डेटा के आधार पर राशन बांटे।
इस मौजूदा व्यवस्था के तहत लाभार्थियों को केवल एक महीने का अनाज देकर भेजते हैं तो ग्राहक स्वाभाविक रूप से अगले महीने ही दोबारा दुकान का रुख करेंगे लेकिन दूसरी तरफ शासन का दबाव है कि 30 अगस्त तक 3 महीने का खाद्यान्न उठाकर निपटाया जाएगा।
जब अगले 2 महीनों का अनाज दुकानों में पहुंचेगा तो पहले से रखा माल दुकानों में सड़ने लगेगा और नए स्टॉक के लिए जगह तक नहीं बचेगी। दुकानों में माल स्टॉक होने से आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित होना तय है।
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शहर और जिले में अंत्योदय योजना एवं प्राधान्य गुट योजना के तहत मुफ्त अनाज का लाभ पाने वाले 8,80,406 कार्डधारक अर्थात परिवार हैं। इनकी कुल लाभार्थी संख्या 34,65,970 है। नागपुर शहर में अंत्योदय योजना के 45,042 कार्डधारक हैं जिनकी लाभार्थी संख्या 1,78,058 है।
वहीं प्राधान्य गुट के 3,63,804 कार्डधारक हैं जिनकी लाभार्थी 14,28,181 है। जिले में अंत्योदय योजना के 82,901 कार्डधारक हैं जिनकी लाभार्थी संख्या 3,18,799 है। वहीं प्राधान्य गुट के 3,88,659 कार्डधारक हैं जिनकी लाभार्थी संख्या 15,40,932 है। संख्या