नागपुर हाई कोर्ट (सोर्सः सोशल मीडिया)
नागपुर

नागपुर हाई कोर्ट का बड़ा आदेश, राजे भोसले की संपत्ति पर याचिकाकर्ताओं के कब्जे को सुरक्षा

Raje Bhosale Property Dispute: नागपुर में राजे भोसले की संपत्ति विवाद मामले में हाई कोर्ट ने सिद्धार्थ ढंगरे और अन्य याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी है।

आंचल लोखंडे

Highlights:

  • नागपुर हाई कोर्ट ने सिद्धार्थ ढंगरे और अन्य याचिकाकर्ताओं को राहत देते हुए अगले आदेश तक उनके कब्जे में दखल नहीं देने का निर्देश दिया।

  • याचिकाकर्ताओं ने संपत्ति संबंधी आपत्तियों को खारिज करने वाले अधीनस्थ न्यायालय के आदेशों के खिलाफ हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की।

  • याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद जायसवाल ने रानी कमलराजे भोसले की वंशावली के आधार पर संपत्ति पर अधिकार का दावा पेश किया।

Nagpur High Court Property Case: राजे भोसले की संपत्ति को लेकर अधीनस्थ न्यायालय के आदेशों में विभिन्न आपत्तियों को खारिज किए जाने पर सिद्धार्थ ढंगरे एवं अन्य ने हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की। सुनवाई के बाद न्यायाधीश नंदेश देशपांडे याचिकाकर्ताओं को अंतरिम सुरक्षा प्रदान की।

कोर्ट ने निर्देश दिया कि आगामी आदेश तक याचिकाकर्ताओं के कब्जे में कोई खलल न डाला जाए। ने वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद जायसवाल ने दलील दी कि आपत्तियों को खारिज करने वाला आदेश कानूनी दृष्टि से टिकने योग्य नहीं है।

रानी कमलराजे भोसले की वंशावली पर विवाद

वरिष्ठ अधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता रानी कमलराजे भोसले की वंशावली के जरिए अपने अधिकारों का दावा कर रहे हैं। इसके साथ ही संपत्ति की पहचान पर गंभीर विवाद है। वकील ने अवगत कराया कि संबंधित संपत्ति पर याचिकाकर्ताओं का वैध मालिकाना हक और भौतिक कब्जा लगातार बना हुआ है। अतः अदालत से उनके शांतिपूर्ण कब्जे की सुरक्षा का आग्रह किया गया।

राजे रघुजीराव अजीत सिंह भोसले को नोटिस

न्या. नंदेश देशपांडे ने प्रतिवादी राजे रघुजीराव अजीत सिंह भोसले (मुख्तारनामा धारक वासुदेव एस. अग्रवाल के माध्यम से) एवं अन्य को अंतिम निपटारे के लिए नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक जवाब मांगा है। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को सभी उपलब्ध तरीकों से नोटिस तामील कराने की अनुमति देकर निर्धारित तिथि से पहले तामीली का हलफनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। साथ ही अंतरिम राहत देते हुए स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं के कब्जे में कोई खलल न डाला जाए।

अंतिम मालिकाना हक पर फैसला नहीं

इस मामले में हाई कोर्ट का अंतरिम आदेश संपत्ति पर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत ने फिलहाल याचिकाकर्ताओं के मौजूदा कब्जे को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है, जिससे मामले के अंतिम निर्णय तक स्थिति में बदलाव नहीं किया जा सकेगा। अब प्रतिवादियों के जवाब और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। हालांकि, अंतरिम राहत को संपत्ति के अंतिम मालिकाना हक पर फैसला नहीं माना जा सकता।

पुणे IISER लाइब्रेरी में मिली दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद की किताब, विवाद के बाद इंस्टीट्यूट ने हटाई

राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर टकराईं, 2 लोग घायल, सुल्तानपुर में होनी है पेशी

जामिया में 20 साल बाद होंगे छात्र संघ चुनाव, संविधान मंजूर होने के 15 दिन में मतदान, हड़ताल फिर भी जारी

Weather Today: बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान, 3 राज्यों में स्कूल-कॉलेज बंद; 7 राज्यों में अलर्ट जारी

महाराजा हरि सिंह स्वतंत्र रहना चाहते थे, फिर क्यों किया भारत के साथ विलय? जानिए कश्मीर की पूरी कहानी