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नागपुर महानगरपालिका के नगर रचना विभाग के तकनीकी अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रभारी उपसंचालक के खिलाफ मुख्यमंत्री सचिवालय में शिकायत दी है।
महाराष्ट्र सरकार के नगर विकास विभाग ने मनपा आयुक्त को मामले की तत्काल जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
शिकायत में कर्मचारियों के साथ अपमानजनक व्यवहार करने और महिला कर्मचारियों को देर रात फोन कर परेशान करने के आरोप लगाए गए हैं।
Nagpur Municipal Corporation: नागपुर महानगरपालिका के नगर रचना विभाग में कार्यरत 18 तकनीकी अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहायक संचालक तथा प्रभारी उप संचालक ऋतुराज जाधव के खिलाफ शिकायत दर्ज की। इस शिकायत के संबंध में महाराष्ट्र सरकार के नगर विकास विभाग ने नागपुर महानगरपालिका आयुक्त को तत्काल जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
इस संबंध में नगर विकास विभाग के सहसचिव सुबराव शिंदे ने पत्र जारी किया है। नगर नियोजक विक्रम चौहान और निखिल भूरे सहित विभाग के सभी तकनीकी कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के सचिवालय को शिकायत आवेदन दिया था।
कर्मचारियों की शिकायत के अनुसार सहायक संचालक जाधव बाहरी व्यक्तियों और आगंतुकों के सामने कर्मचारियों के साथ अपमानजनक व्यवहार करते हैं। महिला कर्मचारियों को देर रात फोन करके मानसिक त्रास दिया जाता है।
यह भी शिकायत में उल्लेख किया गया है। इससे महिला कर्मचारियों के पारिवारिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके अलावा मंजूरी के लिए भेजे जाने वाले ऑफलाइन प्रकरणों को जानबूझकर लंबित रखा जाता है। संबंधित व्यक्ति या नागरिक शिकायत लेकर आने पर संबंधित कर्मचारी पर दोषारोपण करके उसका अपमान किया जाता है।
नागपूर महानगर पालिका सहायक संचालक जाधव पर राजनीतिक संबंध होने का बखान करने का आरोप भी लगाया गया है। राजनीतिक संबंधों के चलते कर्मचारियों को धमकियां दी जा रही हैं। शिकायत के अनुसार BPMS और ऑटो DCR इन प्रणालियों से संबंधित कंपनी द्वारा नियुक्त समन्वयक कर्मचारी विभाग के कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए उपलब्ध नहीं हैं।
नगर रचना विभाग प्रभारी उपसंचालक ऋतुराज जाधव ने कहा कि कार्यालय में कई कर्मचारियों के देरी से आने की घटनाओं के चलते आयुक्त की ओर से लगातार देरी से आने वाले कर्मचारियों के वेतन काटने के निर्देश दिए गए थे।
इसी आधार पर लगातार देरी से आने वाले कुछ कर्मचारियों के वेतन काटे गए। यहां तक कि एसआईआर में काम करने के बहाने कई कर्मचारी प्रशासकीय कामकाज से दूर रहे। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। इसकी सूचना मनपा आयुक्त को दी गई है। प्रशासकीय कामकाज अनुशासन, नियम और कानून से होने चाहिए।