Pench Tiger Reserve Solar Boat Safari: नागपुर जिले के पेंच टाइगर रिजर्व में पर्यटन के नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। पेंच नदी के विस्तृत जलासय में आगामी 1 अक्टूबर से सोलर बोट सफारी नियमित रूप से शुरू की जाएगी।
सौर ऊर्जा से संचालित इन बोट्स के जरिए पर्यटकों को प्रदूषण और शोर से मुक्त वातावरण में जल पर्यटन का अनुभव मिलेगा। केरल से 24-24 यात्रियों की क्षमता वाली 2 प्रीमियम और आरामदायक सोत्तर बोट पेंच जलाशय में पहुंच चुकी हैं।
पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलने वाली इन बोट्स से जल प्रदूषण नहीं होगा, साथ ही इंजन का शोर बेहद कम होने से जंगल के वन्यजीवों को कम से कम व्यवधान के साथ पर्यटकों को प्रकृति का आनंद लेने का अवसर मिलेगा।
पहला मार्ग: कॉलितमारा से नांदपुर नगारागोटा करीब 8 से 10 किलोमीटर के इस मार्ग पर पर्यटकों को पैच के प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव होगा। नांदपुर कुटी में पर्यटकों के लिए विश्राम की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
दूसरा मार्ग: कोलितमारा से कुंवारा भिवसेन और वापसी करीब 25 से 28 किलोमीटर का यह जलमार्ग पर्यटकों को पैच के चने वन क्षेत्र से हॉकर ते जाएगा। इस दौरान प्राचीन कुंवारा मिवसेन देवस्थान के दर्शन भी किए जा सकेंगे।
| सफारी मार्ग | भ्रमण समय | शुल्क | सफारी का समय |
|---|---|---|---|
| नगारागोटा मार्ग | 1.30 घंटे | 400 रु. | सुबह 6 से शाम 6 तक |
| कुंवारा भिवसेन | 3.00 घंटे | 800 रु. | सुबह 6 से शाम 5 तक |
नागपुर जिले के पेंच टाइगर रिजर्व पेंच नदी का शात जलाशय जल पक्षियों के निरंक्षण के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है। सोलर बोट सफारी के दौरान पर्यटकों को पेटेड स्टॉर्कक स्टॉर्क, डार्टर, से हेरॉन, ब्लैकहेडेड आइबिस किया ईगल समेत विभिन्न प्रजातियों के किनार सहित स्थानीय प्रवासी पक्षियों को देखने का अवसर मिल सकता है।
नागपुर जिले के पेंच टाइगर रिजर्व जलाशय में मगरमच्छों के साथ ही पानी पीने के लिए नदी किनारे आने वाले बाप, बायसन, चीतल, सांभर और मोर जैसे वन्यजीवों का भी सुरक्षित दूरी से अवलोकन किया जा सकेगा,
नांदपुर क्षेत्र के आसपास प्राचीन वाकाटककालीन अवशेष भी मौजूद हैं। ऐसे में बोट सफारी के जरिए पर्यटकों को वन्य प्रकृति के साथ ऐतिहासिक विरासत को देखने का अवसर मिलेगा। कुंवारा भिवसेन क्षेत्र भी इस जल पर्यटन का प्रमुख आकर्षण रहेगा।