टाइगर (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
नागपुर

Parshivni News: कहीं बाघ...तो कहीं सुअर, हिंसक पशुओं के हमले में एक साल में 6 मौत

Parshivani tiger attack: पारशिवनी तहसील में पिछले एक वर्ष में हिंसक पशुओं के हमले में 6 नागरिकों की मौत और 238 कृषि नुकसान के मामले दर्ज हुए। बाघ के हमलों से ग्रामीणों और पालतु पशुओं में दहशत बढ़ी है।

प्रिया जैस

Wild Animal Attack: पारशिवनी तहसील अंतर्गत पारशिवनी वन परिक्षेत्र में पिछले 1 साल के भीतर हिंसक पशुओं के हमले में अब तक 6 नागरिकों की मौत होने के साथ ही 238 खेती नुकसान के मामले दर्ज किए गए हैं। पशुओं के हमले पालतु जानवरों ने भी अपनी जान गवाई हैं। पारशिवनी तहसील जो कि जल, जंगल जमीन से भरपूर मानी जाती हैं।

इस क्षेत्र में जंगली भूभाग अधिक होने के कारण जंगली पशुओं की संख्या भी अधिक पाई जाती हैं। इस क्षेत्र में वर्ष 2024-25 के बीच खेती नुकसान के कुल 151 मामले दर्ज करने के साथ ही इन किसानों को नुकसान भरपाई वन विभाग के द्वारा प्रदान किया गया हैं। इसी क्रम में 197 पालतु पशुओं को भी हिंसक पशुओं द्वारा अपना शिकार बनाया गया हैं। पालतु पशुओं में गाय, बैल, भैस, बकरी आदि को अपना शिकार बनाया गया हैं।

हिंसक पशुओं के हमले

इसी वर्ष में हिंसक पशुओं के हमले में 2 नागरिकों की मौत होने के साथ हिंसक पशुओं के हमले में 3 नागरिकों गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। वर्ष 2025-26 में भी हिंसक पशुओं के हमले में विराम नहीं लग पाया। इस वर्ष में खेती नुकसान के कुल 87 मामले दर्ज किए गए, जबकि पशु हानि को लेकर कुल 75 प्रकरण दर्ज किए गए।

इस वर्ष हिंसक पशुओं के हमले में 3 नागरिकों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। जबकि इसी वर्ष हमले में घायल नागरिक की भी मौत हुई हैं। इन हमलों में सबसे ज्यादा चिंता का विषय यह है कि अधिकतर मौतें बाघ के हमले में हुई हैं। जंगली सुअर के हमले में एक नागरिक की मौत हुई है।

तीन बाघों की हुई मौत

हिंसक पशुओं के हमले में जहां नागरिकों एवं पालतु पशुओं की मौत हुई है। वहीं पर पारशिवनी वन परिक्षेत्र अंतर्गत गाडेघाट क्षेत्र में बाघ के आतंक बढ़ने के कारण नागरिकों से लेकर पालतु जानवरों में दहशत बनी गई थी। वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी इस बाघ के सामने बेबस नजर आने लगे, जिसके परिणाम स्वरूप गाडेघाट में स्थित कपास के खेत में इस बाघ का शव पाया गया, जिसका पता आज तक नहीं चल पाया कि इसकी मौत कैसे हुई।

इसी क्रम में कन्हान नप अंतर्गत सिहोरा गांव में भी बाघ के हमले बढ़ने के साथ इस बाघ की भी सदिंग्ध अवस्था में मौत हो गई,जो की आज तक रहस्य बनी हुई हैं। नयाकुंड ग्रापं क्षेत्र में भी बाघ के हमले बढ़ने के साथ इस वाघ का रेस्क्यु करने के बाद उपचार के दौरान इस बाघ की हार्टअटैक से मौत हो गई।

MLC Election काउंटिंग LIVE: यूपी, बिहार, महाराष्ट्र समेत चार राज्यों में मतगणना, यूपी की 11 सीटों पर नजर

चक्रवात अर्णव आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा, 140 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; 20 राज्यों में बारिश का अलर्ट

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, 12 विपक्षी पार्टियों की संयुक्त याचिका को साथ सुनेगा कोर्ट

गुवाहाटी फायरिंग पर उठ रहे सवाल! कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने हिमंता बिस्वा सरमा पर साधा निशाना

तमिलनाडु की जेल में बड़ी सेंधमारी! पुलिस पर हमला करके 17 कैदी हुआ रफ्फू चक्कर, हो रही ताबड़तोड़ छापेमारी