Nagpur Panchpaoli Dighori Flyover: महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर के निवासियों और व्यापारियों के लंबे इंतजार का समय आखिरकार खत्म हो गया है। शहर के महत्वपूर्ण यातायात प्रोजेक्ट में शामिल पांचपावली-दिघोरी फ्लाईओवर का श्रीगणेश होने से लाखों लोगों ने राहत की सांस ली है।
इस महत्वाकांक्षी और बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर के चालू होने से मध्य नागपुर और पूर्वी नागपुर को जोड़ने वाले मार्ग पर सुगम, सुरक्षित और तीव्र आवाजाही का नया दौर शुरू हो गया है। अब अशोक चौक, पांचपावली से जरीपटका और आसपास के इलाकों में आने-जाने वाले वाहन चालकों को नीचे सड़क के भारी ट्रैफिक का सामना नहीं करना पड़ेगा।
वे सीधे फ्लाईओवर का उपयोग कर बिना किसी सिग्नल या रुकावट के कुछ ही मिनटों में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इससे न केवल समय और इंधन की भारी बचत होगी, बल्कि शहर के इस सबसे व्यस्त मार्ग को नया जीवन भी मिलेगा। जहां एक ओर फ्लाईओवर ने यातायात की बड़ी गुत्थी सुलझाई है वहीं दूसरी ओर नीचे की मुख्य सड़क पर व्यापारिक गतिविधियों के लिए एक बेहद चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी है।
निर्माण योजना के तहत मुख्य मार्ग के बीचोबीच लगभग 10 फीट चौड़ा डिवाइडर बना दिया गया है। इस विशाल डिवाइडर के कारण सड़क का प्रभावी दायरा बेहद सिमट गया है। आलम यह है कि अब दुकानों के सामने सड़क पर मात्र 12 से 15 फीट की जगह ही शेष बची है। जगह सिमट जाने की वजह से बाजार में आने वाले ग्राहकों के लिए अपने वाहनों को पार्क करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।
दि इलेट्रिकल मर्चेंट एसोसिएशन, गांधीबाग के पूर्व अध्यक्ष जवाहर पटेल कहते हैं कि फ्लाईओवर शुरू होने से काफी राहत मिलेगी, लेकिन डिवाइडर की वजह से बहुत कम जगह होने से ग्राहक अपनी गाड़ी खड़ी नहीं कर पाएंगे तो इसका सीधा असर उनके व्यापार पर पड़ेगा। इसे देखते हुए फ्लाईओवर के लाभ के साथ-साथ इस नई पार्किंग समस्या का भी कोई व्यावहारिक और स्थायी हल जल्द से जल्द निकाला जाए ताकि बाजार का कारोबार प्रभावित न हो।
व्यापारी राहुल गुप्ता बताते हैं कि फ्लाईओवर निर्माण कार्य के दौरान पिछले कई वर्षों से इस पूरे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई थी। रोजाना सुबह और शाम के समय यहां किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लगना आम बात हो गई थी, जिसके कारण एम्बुलेंस से लेकर
स्कूली बसे और आम नागरिक घंटों फंसे रहते थे। इसके शुरू होने से अब राहत मिलेगी। पांचपावली, गांधीबाग और इतवारी से सटा यह क्षेत्र शहर का सबसे बड़ा और प्रमुख व्यावसायिक केंद्र माना जाता है।
महाराष्ट्र राज्य की उपराजधानी नागपुर में स्थानीय व्यापारी संघ, दुकानदारों सहित यहां आने वाले ग्राहकों का कहना है कि 10 फीट के डिवाइडर की चौड़ाई को री-डिजाइन कर कम किया जाना चाहिए। आसपास के खाली पड़े सरकारी भूखंडों या मुख्य सड़क के करीब 'पे एंड पार्क' या मल्टी-लेवल पार्किंग की तत्काल व्यवस्था की जानी चाहिए।
पीक ऑवर्स में माल लोड-अनलोड करने के लिए अलग से समय सीमा तय की जाए, व्यापारियों ने शासन-प्रशासन से पुरजोर अपील की है कि फ्लाईओवर के इस तोहफे के साथ-साथ पार्किंग के इस गंभीर संकट का भी तुरंत कोई व्यावहारिक और स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि शहर का विकास और व्यापार दोनों साथ-साथ आगे बढ़ सकें।
नागपुर शहर के व्यापारी अर्जुनदास आहूजा कहते हैं कि इससे कनेक्टेड बाजारों में रोजाना न केवल नागपुर शहर, बल्कि विदर्भ सहित आसपास के हजारों व्यापारी व ग्राहक खरीदारी के लिए आते हैं।
निर्माण काल के दौरान भीषण जाम के कारण बाहर से आने वाले ग्राहकों ने इस बाजार में आना काफी कम कर दिया था। अब फ्लाईओवर चालू होने से सड़क का दबाव कम होगा जिससे ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले व्यापारियों का पुनः इस बाजार की ओर रुख करना आसान हो जाएगा।