नागपुर MIDC हिंगना का बदलेगा नक्शा, MIA और अधिकारियों की बैठक में सड़कों, सीवरेज व जमीन पर बड़ा फैसला

Nagpur MIDC Hingna: नागपुर के हिंगना औद्योगिक क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के सुधार और समस्याओं के समाधान के लिए MIDC अधिकारियों और MIA प्रतिनिधियों के बीच समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
Hingna Industrial Area Development
MIDC अधिकारियों और MIA प्रतिनिधियों के बीच समीक्षा बैठक सोर्स- सोशल मीडिया
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Hingna Industrial Area Development: नागपुर महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) दीपेंद्र सिंह कुशवाह के साथ हाल ही में हुई बैठक के अनुपालन में एमआईडीसी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एमआईए) और वरिष्ठ एमआईडीसी अधिकारियों के बीच हिंगना स्थित एमआईए भवन में समीक्षा बैठक आयोजित की।

बैठक का मुख्य उद्देश्य हिंगना औद्योगिक क्षेत्र की बुनियादी ढांचागत और औद्योगिक विकास से जुड़ी समस्याओं के निवारण में तेजी लाना था। एमआईडीसी की ओर से अधीक्षक अभियंता वी. वी. राठौड़, कार्यकारी अभियंता एस. एस. पाटिल, उप अभियंता एस. सी. गौर, उप अभियंता एन. एस, निखारे और कनिष्ठ अभियंता पी. कासारे उपस्थित थे। वहीं एमआईए का प्रतिनिधित्व अध्यक्ष पी. मोहन, उपाध्यक्ष गणेश जायसवाल और उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने किया।

आंतरिक सड़कों व नालियों का सुधार

भारी बारिश के दौरान जलभराव से औद्योगिक परिचालन और वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। एमआईए ने अस्थायी मरम्मत के बजाय आंतरिक सड़कों, जल निकासी (ड्रेनेज) और स्ट्रीट लाइट की समयबद्ध और स्थायी व्यवस्था करने पर जोर दिया।

नागपुर पुलिस विभाग के समन्वय से नियमित अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाने और ट्रकों के लिए समर्पित पार्किंग स्थल बनाने की मांग की गई। डिंगना क्षेत्र में एक व्यापक सीवरेज सिस्टम, ईएसआईसी अस्पताल, चिकित्सा सुविधा स्थापित करने और उद्योगों के विस्तार के लिए खाली या बंद पड़े भूखंडों पर नियमानुसार उचित कार्रवाई कर अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह है।

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अतिरिक्त भूमि व अन्य सुविधाएं

नागपुर महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम के एमआईडीसी संपतियों पर स्थानीय निकायों के करी और भूमि हस्तांतरण, लीजिंग पर लगने वाले जीएसटी के विषय में स्पष्ट और समान दिशानिर्देश जारी करने की मांग की गई।

मोहन ने कहा कि सभी मुद्दों के लिए एक जिम्मेदार अधिकारी, निर्धारित लक्ष्य तिथि और आवधिक समीक्षा के साथ एक मजबूत एमआईए-एमआईडीसी निगरानी तंत्र' बनाया जाना चाहिए। उन्होंने महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन देते हुए उम्मीद जताई कि इस फॉलोअप व्यवस्था से हिंगना एमआईडीसी में जल्द ही प्रत्यक्ष और मापने योग्य सुधार देखने को मिलेंगे।