मेडिकल में आक्सिजन पाइप लाइन लीकेज (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
नागपुर

मेडिकल में आक्सिजन पाइप लाइन लीकेज, सभी मेडिसिन वार्डों में 3 घंटे सप्लाई बंद

Nagpur Medical: मेडिकल के आपरेशन थियेटर ‘बी’ में आक्सिजन पाइन लाइन लीकेज हो गई। इस घटना के बाद सभी मेडिसिन वार्ड में आक्सिजन की सप्लाई बंद करना पड़ा। दिनभर दुरुस्ती का काम चलता रहा।

आंचल लोखंडे

Nagpur News: शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व अस्पताल के आपरेशन थियेटर ‘बी’ में आक्सिजन पाइन लाइन लीकेज हो गई। इस घटना के बाद सभी मेडिसिन वार्ड में आक्सिजन की सप्लाई बंद करना पड़ा। दिनभर दुरुस्ती का काम चलता रहा। करीब 3 घंटे तक पाइप लाइन से आक्सिजन की आपूर्ति बाधित रही। मेडिकल के वार्डों में आक्सिजन पाइन लाइन लगी है। यह लाइन आपरेशन थियेटर से लेकर वार्डों तक बनी हुई है।अब मरीजों को बेड के पास ही आक्सिजन उपलब्ध हो सकी है। यह आक्सिजन मुख्य वितरण स्थान से आपूर्ति की जाती है।

मंगलवार की दोपहर आपरेशन थियेटर ‘बी’ में आक्सिजन पाइन लाइन लीकेज हो गई। इसके बाद दोपहर 3 बजे से तीन घंटे के लिए आपूर्ति बंद कर दी गई। साथ ही सभी इंचार्ज सिस्टर को सूचित किया गया कि लीकेज के चलते सभी मेडिसिन वार्डों में आक्सिजन सिलेंडर की व्यवस्था की जाये। आदेश जारी होते ही विभागों में सिलेंडर पहुंचाये गये। शाम तक आपूर्ति को नियमित करने का कार्य जारी रहा।

लावारिस पड़े आक्सिजन सिलेंडर

इन दिनों मेडिकल में निर्माण कार्य के साथ ही नवीनीकरण और दुरुस्ती का कार्य चल रहा है। चारों ओर चल रहे कार्यों के बीच ही एक लापरवाही भी देखने को मिल रही है। पुराने वार्ड क्रमांक 49 के नवीनीकरण का कार्य चल रहा है। कार्य के चलते वार्ड को पहले मंजिल पर वार्ड 13 के पास शिफ्ट किया गया है। पुराने वार्ड में अब भी 30-32 आक्सिजन सिलेंडर पड़े हैं।

दुर्घटना की भी संभावना बढ़ गई

यह सिलेंडर 5-6 महीने से पड़े हैं। सभी सिलेंडर भरे होने से दुर्घटना की भी संभावना बढ़ गई है। आक्सिजन सिलेंडर आग को भड़काने में मददगार होते हैं। निर्माण कार्य की जगह पर यदि ज्वलनशिल वस्तु आ जाये तो किसी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता। इस ओर संबंधितों का ध्यान नहीं है। प्रशासन नवीनीकरण का कार्य पूरा होने की प्रतीक्षा कर रहा है। यहां देखरेख के लिए कोई गार्ड भी नहीं है। सिलेंडर को समय पर उचित जगह रखना अनिवार्य हो गया है।

ऑक्सीजन सिलेंडर का उपयोग आमतौर पर कहां किया जाता है? स्वास्थ्य सुविधाएं:

अस्पताल सांस संबंधी कठिनाइयों का सामना कर रहे मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर पर निर्भर रहते हैं। घरेलू देखभाल व्यवस्था: ऑक्सीजन थेरेपी, पूरक ऑक्सीजन की आवश्यकता वाले रोगियों को घर पर ही अपनी स्थिति का प्रबंधन करने में मदद करती है।

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