Nagpur Tiranga Purchase Irregularities: नागपुर महानगर पालिका में 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत झंडों की खरीद और वितरण में भारी वित्तीय अनियमितता और कुप्रबंधन का मामला सामने आया है। जहां एक ओर मनपा अपनी बुनियादी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में संघर्ष कर रही है वहीं ऐन वक्त पर झंडों की खरीद पर 1.40 करोड़ रुपये का भारी-भरकम खर्च सवालों के घेरे में आ गया है।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा विवाद झंडों की कीमत को लेकर है। हर घर तिरंगा को लेकर हुई प्रेस वार्ता में यह स्पष्ट रूप से दावा किया गया था कि मनपा 25 रुपये प्रति झंडे के हिसाब से खरीद कर रही है क्योंकि खादी ग्रामोद्योग से मिलने वाला झंडा 30 रुपये का पड़ रहा था जो कि 5 रुपये महंगा था लेकिन वास्तव में जो बिल और दरें सामने आ रही हैं, वे चौंकाने वाली हैं। झंडों की खरीद 25 या 30 रुपये में नहीं बल्कि 73 से 82 रुपये (औसतन 78 रुपये) की अत्यधिक उच्च दरों पर की गई। तमाम दावों के बीच शुक्रवार को हुई स्थायी समिति की बैठक में वित्तीय प्रस्ताव को हरी झंडी प्रदान की गई।
स्थायी समिति सभापत्ति शिवानी दाणी ने कहा कि इस अभियान को पूरा करने के लिए मनपा ने 4 विधायकों से भी निधि प्राप्त की। इनमें विधायक कृष्णा खोपड़े, मोहन मते, प्रवीण दटके द्वारा 20-20 लाख रुपये दिए गए जबकि संजय भेंडे ने 10 लाख की निधि दी।
इस तरह कुल मिलाकर 70 लाख रुपये का फंड विधायकों से प्राप्त हुआ। चर्चा में यह स्पष्ट किया गया कि विधायकों से प्राप्त यह राशि झंडों के कुल खर्च में से कम की जाएगी।
उन्होंने कहा कि वितरण व्यवस्था में भी भारी खामियां देखने को मिलीं। लोगों को 13 और 14 तारीख को जाकर झंडे मिल पाए जो कि काफी देरी से हुआ। अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि केंद्र सरकार से सूचना देरी से मिलने के कारण काम देर से शुरू हुआ। हालांकि इस बात पर सहमति बनी है कि 'हर घर तिरंगा' एक उत्तम कार्यक्रम है लेकिन इसके लिए इतनी देरी से काम करने की जरूरत नहीं है।
पार्षद एवं स्थायी समिति सदस्य वसीम खान ने तिरंगा खरीदी प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराई। स्थायी समिति की बैठक में तिरंगा खरीदी को लेकर किए गए वादे को उजागर किया। खान ने कहा कि तिरंगे की खरीद अलग-अलग गुणवता कॉटन, खादी और सैटिन में की गई, जिस पर स्पष्टता आवश्यक है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि 30 की दर वाले तिरंगे की खरीद 87 रुपये प्रति नग की दर से क्यों की गई।
इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस के दो मनोनीत नगरसेवकों को तिरंगे उपलब्ध न कराए जाने पर भी प्रश्न उठाया। उन्होंने कहा कि 'हर घर तिरंगा' अभियान मनपा की एक सराहनीय पहल है लेकिन नगरसेवकों के लिए उपलब्ध कराए गए 300 तिरंगे संख्या की दृष्टि से अपर्याप्त है।