विकास ठाकरे का कचरा ठेके में घोटालें में प्रहार (सोर्स: AI)
नागपुर

नागपुर मनपा कचरा ठेके में करोड़ों का नया घोटाला,17 गार्डों के नाम फर्जी बैंक खाते खोल वेतन हड़पने का आरोप

Nagpur Garbage Contract Scam : नागपुर मनपा के कचरा संकलन ठेके में 17 सुरक्षा गार्डों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खोलकर उनके वेतन से लाखों रुपये हड़पने का मामला उजागर हुआ है।

मनीषा बोंदरे

Nagpur Security Guard Salary: नागपुर महानगरपालिका के कचरा संकलन ठेके को लेकर एक और गंभीर कथित अनियमितता सामने आई है। कांग्रेस विधायक विकास ठाकरे ने आरोप लगाया है कि कचरा संकलन का काम करने वाली एजी एनवायरो इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, उससे जुड़ी सुरक्षा एजेंसी और मनपा के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत से सुरक्षा गार्डों का आर्थिक शोषण किया गया।

विधायक के अनुसार, 17 सुरक्षा गार्डों की जानकारी और कथित अधिकृत सहमति के बिना उनके नाम पर बैंक खाते खोले गए। आरोप है कि इन खातों के जरिए वर्ष 2019 से विभिन्न वित्तीय लेन-देन भी किए गए। अब सवाल उठ रहा है कि खाते खोलने के लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ, खातों का नियंत्रण किसके पास था और इनसे हुए लेन-देन का वास्तविक लाभ किसे मिला।

25,600 की जगह 15,500 वेतन देने का आरोप

मामले में वेतन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। विधायक ठाकरे के अनुसार अनुबंध की शर्तों और निर्धारित दरों के मुताबिक प्रत्येक सुरक्षा गार्ड को 25,600 रुपये प्रतिमाह मिलना चाहिए था, लेकिन आरोप है कि उन्हें केवल 15,500 रुपये दिए जा रहे थे।

17 गार्डों के हिसाब से वेतन का कथित अंतर हर महीने 1,71,700 रुपये और एक साल में 20,60,400 रुपये बैठता है। ठाकरे ने पूरे ठेका काल के वित्तीय व्यवहार का विशेष ऑडिट कराने की मांग की है।

शिकायत के बाद वेतन रोकने का आरोप

सुरक्षा गार्डों के प्रतिनिधिमंडल ने विधायक विकास ठाकरे से मुलाकात कर लिखित शिकायत दी। शिकायतकर्ताओं के अनुसार उन्होंने मई 2026 में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई थी। इसके बाद संबंधित सुरक्षा एजेंसी ने उनका वेतन रोक दिया। वेतन नहीं मिलने पर कर्मचारियों ने जून 2026 से काम पर जाना बंद कर दिया।

विधायक ने कर्मचारियों को बकाया वेतन और वेतन अंतर की पूरी राशि ब्याज सहित देने की मांग की है।

मनपा की निगरानी पर सवाल

नवंबर 2019 में कचरा संकलन का ठेका शुरू होने के बाद एजी एनवायरो ने अपने अधीन पांच जोनों के कचरा हस्तांतरण केंद्रों और वाहनतलों पर सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराने का काम आर्मर सिक्योरिटी इंडिया लिमिटेड को दिया था।

ठेका व्यवस्था में मनपा की भूमिका ‘प्रिंसिपल एम्प्लॉयर’ की होने का हवाला देते हुए विधायक ने सवाल उठाया है कि श्रम कानूनों, वेतन नियमों और अनुबंध की शर्तों के पालन की प्रभावी निगरानी क्यों नहीं हुई।

नई एजेंसी पर भी उठे सवाल

शिकायत के बाद सुरक्षा गार्डों ने आरोप लगाया कि एजी एनवायरो ने बाद में एलिट सिक्यूरिटास प्राइवेट लिमिटेड के सुरक्षा गार्ड नियुक्त किए। शिकायतकर्ताओं ने नई एजेंसी के संबंध कथित तौर पर आर्मर सिक्योरिटी से जुड़े लोगों से होने का दावा किया है।

विधायक ने नई एजेंसी की नियुक्ति में निविदा प्रक्रिया, पात्रता शर्तों और नागपुर मनपा की पूर्व अनुमति का पालन हुआ या नहीं, इसकी भी जांच की मांग की है। पूरे मामले में उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

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