नितिन गडकरी डिजाइन फोटो
नागपुर

क्या राजनीति छोड़ रहे हैं नितिन गडकरी? संन्यास की अटकलों पर केंद्रीय मंत्री ने तोड़ी चुप्पी, जानिए पूरा सच

Nitin Gadkari Retirement Clarification:केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बयान से उनके संन्यास की अटकलें तेज हो गई थीं। इस बीच उनके कार्यालय ने एक बयान जारी कर उनकी बात का असली सच बताया है।

आकाश मसने

Nitin Gadkari Retirement Statement Clarification: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के एक हालिया बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। महाराष्ट्र के नागपुर जिले के काटोल में आयोजित 'एकलव्य एकल विद्यालय शिक्षक-पर्यवेक्षक प्रशिक्षण वर्ग' के समापन समारोह में बोलते हुए गडकरी ने कहा था कि वह अब पहले जितना काम नहीं कर सकते और नई पीढ़ी को सामाजिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया और मीडिया के एक वर्ग में उनके सार्वजनिक जीवन तथा राजनीति से संभावित संन्यास लेने की अटकलें लगाई जाने लगीं।

हालांकि, स्थिति बिगड़ती देख केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय ने तुरंत एक आधिकारिक बयान जारी कर इन सभी अटकलों का पूरी तरह से खंडन कर दिया है। गडकरी के कार्यालय ने यह स्पष्ट किया कि उनके बयान का राजनीति से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है और उनके बयान को वास्तविक संदर्भ से हटाकर पेश किया जा रहा है।

नितिन गडकरी ने बताया किस बारे में की थी टिप्पणी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय ने उनका रुख स्पष्ट करते हुए एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था और वह खास तौर पर लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के बारे में बात कर रहे थे। यह ट्रस्ट गडकरी द्वारा ही बनाया गया एक संगठन है जो आदिवासी इलाकों में एकल विद्यालय चलाता है।

नितिन गडकरी ने क्यों कही थी नयी पीढ़ी वाली बात?

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा था कि सच कहूं तो, मैं कोई प्रेरणास्रोत नहीं हूं; आजकल मैं उतना काम नहीं कर पाता। जब मैं कर सकता था, तब मैंने ज्यादा काम किया। तब से मैंने मानकर ट्रस्ट के काम में अपनी भागीदारी कम कर दी है। मैंने सभी से कहा है कि अब यह काम नयी पीढ़ी के हाथों में सौंप दिया जाना चाहिए।

नितिन गडकरी ने बताया कि ट्रस्ट में अब नए लोग आ चुके हैं और पुराने अनुभवी सदस्य मार्गदर्शन का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक दिन यह काम इतना बढ़ जाएगा कि महाराष्ट्र का कोई भी आदिवासी गांव अंधेरे में नहीं रहेगा और वहां विकास की रोशनी होगी। हम सब इसी तस्वीर को बदलना चाहते हैं और इस तस्वीर को बदलने का काम मानकर ट्रस्ट कर रहा है।

आदिवासी क्षेत्रों में विकास की प्रशंसा की

नितिन गडकरी ने ट्रस्ट के काम की प्रशंसा की थी। ट्रस्ट के सफर और आदिवासी इलाकों में इसके द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख करते उन्होंने नयी पीढ़ी से इसकी जिम्मेदारी संभालने का आग्रह किया था और कहा था कि वह खुद पीछे हट जाएंगे, ताकि नयी पीढ़ी ट्रस्ट के सामाजिक कार्यों में काम कर सके।

शिक्षकों और कार्यकर्ताओं को दी सलाह

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मनुष्य को अपना जीवन अच्छी तरह जीना चाहिए और दूसरों को भी अच्छा जीवन जीने में मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह काम सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय कर्तव्य है, तथा इसे और बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल शिक्षकों से आग्रह किया कि वे अपने भीतर सर्वोत्तम गुण विकसित करें और अपने व्यक्तित्व, कार्यों तथा क्षमताओं को निखारें।

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