

Nitin Gadkari Political Retirement Youth Opportunity: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के एक ताजा बयान ने महाराष्ट्र सहित देश के राजनीतिक गलियारों में अचानक खलबली मचा दी है।
नागपुर जिले के काटोल तहसील के पारडसिंगा में सती अनुसया माता देवस्थान में आयोजित 'एकलव्य एकल विद्यालय शिक्षक-पर्यवेक्षक प्रशिक्षण वर्ग' के समापन समारोह में बोलते हुए गडकरी ने कुछ ऐसा कह दिया, जिससे उनके राजनीतिक संन्यास की अटकलें तेज हो गई हैं। इस बयान के बाद उनके भविष्य के राजनीतिक कदमों को लेकर चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म हो चुका है।
कार्यक्रम में सार्वजनिक जीवन में अपने लंबे सफर का जिक्र करते हुए गडकरी ने बेहद भावुक और स्पष्ट शब्दों में कहा, पिछले तीन दशकों से अधिक समय से मैं सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हूं। इस दौरान मैंने कई उतार-चढ़ाव देखे, विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं और कई सम्मान भी प्राप्त किए।
लेकिन अब मेरे लिए पहले की तरह बहुत अधिक काम करना संभव नहीं है। इसलिए अब नई पीढ़ी को आगे आना चाहिए और उन्हें काम करने का मौका मिलना चाहिए। उनके इस सूचक बयान के बाद से ही कयास लगाए जाने लगे हैं कि क्या वे सक्रिय राजनीति से सम्मानजनक विदाई का मन बना रहे हैं।
गडकरी ने इस दौरान अपने जीवन के पुराने दिनों को याद किया और बताया कि कैसे कोरोना काल के बाद उनकी जीवनशैली में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि राजनीति के शुरुआती दिनों में वे बिना समय देखे जीतोड़ मेहनत करते थे, यात्रा के दौरान जो भी मिलता था खाकर सो जाते थे, लेकिन कोरोना महामारी के बाद उन्होंने अपनी दिनचर्या में कड़ा अनुशासन लाया है।
उन्होंने बताया कि वे अब अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हैं और रोजाना नियमित रूप से ढाई घंटे योगासन करते हैं।
सेहत को जीवन में सर्वोपरि बताते हुए गडकरी ने एक बेहद महत्वपूर्ण और आंखें खोल देने वाला सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में पद, प्रतिष्ठा और सत्ता से कहीं अधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति का स्वास्थ्य है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, अगर सेहत ही अच्छी नहीं रहेगी, तो इस सत्ता और पद का क्या उपयोग? उनके इस बयान को उनके बढ़ते उम्र और स्वास्थ्य के प्रति सचेत दृष्टिकोण से जोड़कर देखा जा रहा है।
अपने संबोधन में नितिन गडकरी ने केवल अपने स्वास्थ्य या संन्यास पर ही बात नहीं की, बल्कि विदर्भ सहित पूरे महाराष्ट्र में हो रही किसानों की आत्महत्या के गंभीर मुद्दे पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना और उनके जीवन स्तर को सुधारना बेहद जरूरी है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपने शेष सार्वजनिक जीवन में किसानों के कल्याण के लिए अधिक से अधिक काम करना चाहते हैं।
यद्यपि उनके इस बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है, लेकिन गडकरी ने आधिकारिक तौर पर सक्रिय राजनीति या मंत्री पद से संन्यास लेने की कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है। माना जा रहा है कि उन्होंने यह बात केवल नई पीढ़ी को प्रोत्साहित करने और अपने स्वास्थ्य संबंधी प्राथमिकताओं को रेखांकित करने के लिए कही थी।
वर्ष 2014 से मोदी सरकार में सड़क और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले गडकरी के इस बयान के बाद उनके भविष्य के राजनीतिक कदमों पर पूरे देश की निगाहें टिक गई हैं।