Nagpur Devendra Fadnavis Dream Project:- 'नया नागपुर परियोजना में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। इसके तहत बुधवार को पहली रजिस्ट्री की गई। संबंधित किसान को जमीन की मुआवजा राशि प्रदान की गई। इसी के साथ अब नया नागपुर परियोजना के तहत आने वाले किसान अब करोड़पति बनने शुरू हो गये हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ड्रीम प्रोजेक्ट 'नया नागपुर' को रफ्तार देते हुए नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एनएमआरडीए) ने भूमि अधिग्रहण की शुरुआत कर दी है।
एनएमआरडीए ने बुधवार को 'नया नागपुर' क्षेत्र अंतर्गत हिंगना तहसील के गोधनी (रिठी) गांव में 1.01 हेक्टेयर जमीन की पहली रजिस्ट्री कराई। इसी के साथ प्राधिकरण ने नया नागपुर के लिए इस जमीन पर पहला भूमि अधिग्रहण पूरा कर लिया। इसी के साथ 'नया नागपुर' प्रोजेक्ट को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बड़ी हलचल शुरू हो गई है।
कहा जा रहा है कई नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एनएमआरडीए) ने आयुक्त संजय मीणा के मार्गदर्शन में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए निर्धारित कुल 692 हेक्टेयर अर्थात करीब 1700 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए पहली बड़ी सफलता हासिल की है। एनएमआरडीए ने 'सीधी खरीद' नीति के तहत 1.01 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया है।
खास बात यह है कि प्रशासन ने भू-स्वामियों के हितों का ध्यान रखते हुए 1.84 करोड़ रुपए प्रति एकड़ की दर से मुआवजे का निर्धारण किया है जिसके तहत प्रभावित किसान को 4 करोड़ 60 लाख रुपए मुआवजे की राशि प्रदान की गई है। इसके साथ ही नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एनएमआरडीए) अब 'नया नागपुर परियोजना' के आगामी चरणों के तकनीकी दस्तावेजों और प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देने में जुट गया है।
बुधवार को गोधनी (रिठी) गांव के किसान स्ववन भटवेरा (रिठी) गांव स्थित अपनी 1.01 हेक्टेयर जमीन को 'नया नागपुर' परियोजना के लिए एनएमआरडीए को सुपुर्द करने सदर, नियोजन सदर भवन के पास स्थित रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एनएमआरडीए) के आयुक्त संजय मीणा की प्रमुख उपस्थिति में रजिस्ट्री कराई।
इस अवसर पर नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एनएमआरडीए) के जॉइंट कमिश्नर सचिन ढोले और एनएमआरडीए की डिप्टी कलेक्टर प्रियदर्शिनी बोरकर मुख्य रूप से मौजूद थीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार किसान सावन भटवेरा को उनके मुआवजे की रकम गुरुवार को उनके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एनएमआरडीए) 'नया नागपुर' परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण पर जोर देते हुए 'पहले आओ, पहले पाओं' की नीति के तहत उन लोगों को प्रोत्साहित कर रहा है जो जल्दी खरीदी की प्रक्रिया पूरी करेंगे। एनएमआरडीए को इस परियोजना में भूमि अधिग्रहण के लिए 3,000 करोड़ रुपए का कर्ज मंजूर हुआ है, इसलिए एनएमआरडीए को योजना यह है कि जो जमीन मालिक स्वेच्छा से पहले अपनी जमीन की रजिस्ट्री करवाएंगे उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्हें ही बेहतर लाभमिलेगा, जबकि देरी करने वालों को केवल कानूनी प्रावधानों के अनुसार 4 गुना मुआवजा ही मिलेगा, साथ ही उन्हें प्रति एकड़ 1500 वर्गफुट के विकसित प्लॉट का लाभ भी नहीं दिया जाएगा।
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बता दें कि 'नया नागपुर' परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण में सरकार ने प्रभावित होने वाले किसानों, जमीन मालिकों को 1.84 करोड़ रुपए प्रति एकड़ की दर तय की है। इसके अलावा शासन ने प्रभावितों को प्रति एकड़ जमीन अधिग्रहण पर 1500 वर्गफुट विकसित प्लॉट भी देने का प्रावधान किया है।
'नया नाम्पुर परियोजना के लिए मेरी जमीन अधिग्रहित की गई है। इसके बदले मुझझे जो मुआव्जा मिला है यह बहुत समाधानकारक है, नागपुर के विकास के लिए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण है। इस परियोजना के लिए मेरी शुभकामनाएं।
-सावन भटवेरा, किसान, गोधनी (रिद्धी)