RSS मुख्यालय नागपुर (सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

Nagpur News: नागपुर में RSS मुख्यालय को रेडिएशन की धमकी, ATS-NDRF जांच में जुटी

Nagpur RSS Headquarters Radiation Threat: नागपुर में RSS मुख्यालय और अन्य स्थानों पर रेडियोएक्टिव पदार्थ फैलाने की धमकी वाली चिट्ठी मिलने से हड़कंप मच गया। ATS और NDRF की जांच में कुछ नहीं मिला है।

अपूर्वा नायक

Nagpur RSS Headquarters Radiation Threat: महाराष्ट्र के नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय और डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर में 'रेडिएशन' की धमकी से हड़कंप मच गया।

पुलिस कमिश्नर को भेजी गई एक गुमनाम चिट्ठी में दावा था कि आरएसएस मुख्यालय और स्मृति मंदिर में रेडियोएक्टिव पदार्थ फैला दिया गया है। यह चिट्ठी कथित तौर पर 'डीएसएस' नाम के एक संगठन ने भेजी है। इस चिट्ठी के मिलने के बाद एक बड़े पैमाने पर जांच शुरू हो गई है, जिसमें एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) और एनडीआरएफ भी शामिल हैं।

रविंद्रकुमार सिंघल के दफ्तर पहुंची गुमनाम चिट्ठी

अंग्रेजी में लिखी यह गुमनाम चिट्ठी 27 अप्रैल को डाक के जरिए पुलिस कमिश्नर रविंद्रकुमार सिंघल के दफ्तर पहुंची। इसमें आरएसएस के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था और एक चेतावनी दी गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चिट्ठी में कहा गया था कि सीजियम-137 नाम का एक बेहद खतरनाक रेडियोएक्टिव पाउडर कई अहम जगहों पर कथित तौर पर रख दिया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सीजियम-137 (137सीएस) धातु सीजियम का एक रेडियोएक्टिव आइसोटोप है। यह प्राकृतिक रूप से नहीं पाया जाता। यह न्यूक्लियर रिएक्टरों और हथियारों में यूरेनियम के न्यूक्लियर विखंडन से बनने वाला एक उप-उत्पाद है। इसकी हाफ-लाइफ (अर्ध-आयु) 30.05 साल होती है, जिसका मतलब है कि इसकी रेडियोएक्टिविटी को आधा होने में तीन दशक लग जाते हैं। इससे बीटा कण और शक्तिशाली गामा किरणें निकलती हैं।

अन्य जगहों पर भी रेडियोएक्टिव पदार्थ रखे होने की बात लिखी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, चिट्ठी में दावा किया गया है कि यह रेडियोएक्टिव पदार्थ आरएसएस मुख्यालय, रेशिमबाग स्थित स्मृति मंदिर, गणेशपेठ स्थित भाजपा दफ्तर, ऑरेंज और एक्वा दोनों लाइनों की मेट्रो ट्रेनों की सीटों पर, और बसों में रखा गया है। दावा किया गया कि उन्हें यह रेडियोएक्टिव पदार्थ एक कैंसर अस्पताल से मिला था।

चिट्ठी में आगे अधिकारियों को चुनौती देते हुए कहा गया है, "नागपुर शहर अब पूरी तरह से रेडिएशन के खतरे में है। जब तारापुर एटॉमिक पावर स्टेशन के विशेषज्ञ यहां आकर जांच करेंगे, तब आपको इस बात की सच्चाई का पता चलेगा।"

चिट्ठी में हाल ही में हुई एक घटना का भी जिक्र किया गया, जिसमें दोसर भवन मेट्रो स्टेशन के पीछे एक खाली प्लॉट में डेटोनेटर और जिलेटिन की छड़ें मिली थीं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि 'डीएसएस' ने उन विस्फोटकों की जिम्मेदारी लेते हुए कहा था, "वह तो बस एक चेतावनी थी। असली खेल तो अब शुरू हुआ है।"

पत्र मिलने के बाद, एटीएस ने एनडीआरएफ और परमाणु ऊर्जा विशेषज्ञों के साथ मिलकर आरएसएस मुख्यालय, मेट्रो स्टेशनों और बताई गई दूसरी जगहों की पूरी तरह से तलाशी ली। विशेषज्ञों की शुरुआती तलाशी में अभी तक कोई भी रेडियोएक्टिव पदार्थ नहीं मिला है।

हालांकि, एटीएस की शिकायत के आधार पर सदर पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरएसएस मुख्यालय 150 सीआईएसएफ जवानों और नागपुर पुलिस की 24 घंटे की कई-स्तरीय सुरक्षा घेरे में है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

DUSU Election 2026 LIVE: दिल्ली यूनिवर्सिटी में वोटिंग शुरू, 2.75 लाख छात्र चुन रहे नया छात्र संघ

Air India Express: पोस्ट-फ्लाइट ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में 35 मिनट की देरी, 8 क्रू मेंबर्स सस्पेंड

DUSU Voting 2026: आज DU में मतदान, ABVP-NSUI के बीच सीधा मुकाबला, 2.75 लाख छात्र चुनेंगे नया छात्र संघ

Weather Alert: पहाड़ों पर समय से पहले बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बारिश-बाढ़, यूपी समेत कई राज्यों में अलर्ट

UGC NET June 2026: इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी की फाइनल आंसर-की जारी, ऐसे करें डाउनलोड