पुराना भंडारा रोड का काम रुका (सौजन्य-नवभारत) 
नागपुर

पुराना भंडारा रोड: मुआवज़ा लिया फिर भी अड़ाया अड़ंगा! राजनीतिक दखल के चलते 2 दिनों से थमा काम

Old Bhandara Road Nagpur: पुराना भंडारा रोड चौड़ीकरण में फिर अड़ंगा। राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते 2 दिनों से काम बंद। मलबे और धूल से नागरिक परेशान, व्यापार हुआ चौपट।

प्रिया जैस

Road Widening Project Nagpur: कई तरह की अड़चनों के चलते वर्षों से अटके पुराना भंडारा रोड के चौड़ाईकरण व सीमेन्टीकरण के लिए बाधित सम्पत्तियों के हिस्सों को तोड़ने का काम तेजी से किया। साथ ही ठेकेदार ने रिक्त किये गए हिस्से पर अपना काम भी शुरू कर दिया था लेकिन बीते 2 दिनों से फिर काम बंद हो गया है।

दरअसल, 4 मार्च को जब मनपा का तोड़ू दस्ता हंसापुरी वाले हिस्से में पहुंचा और अपनी कार्रवाई शुरू की तो कई सम्पत्ति धारकों ने और अतिरिक्त समय देने की मांग करते हुए विरोध शुरू कर दिया। ये सभी प्रशासन से मुआवजा भी ले चुके हैं। बावजूद इसके वे और समय देने की मांग कर रहे थे। उस पर भाजपा के पूर्व मेयर व विद्यमान शहर अध्यक्ष ने भी उनका ही साथ दिया।

विरोध व राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते दस्ते को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। उसके बाद 5 मार्च को भी किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। मध्य नागपुर विकास आघाड़ी के भूषण दड़वे ने बताया कि इस रोड में 92 सम्पत्ति ऐसी हैं जो मनपा, नजूल, एनआईटी व सरकारी मालिकी की हैं।

इन प्रॉपर्टी को तोड़ने का कार्य चालू रखना चाहिए। उन्होंने विकास कार्य में बाधा डालने को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व मेयर द्वारा रास्तों में मलबे के ढेर हटाने की मांग किया जाना उचित है लेकिन पुराना भंडारा रोड चौड़ाईकरण पर बाधा डालना जनहित में ठीक नहीं है।

नियोजन का अभाव, अव्यवस्था का आलम

बाधित सम्पत्तियों को तोड़ने की कार्रवाई तो तेजी से की गई और अनेक दुकानदारों ने खुद ही बाधित हिस्सों को तोड़ा लेकिन 3 किमी के पूरे हिस्से में जगह-जगह मलबे के ढेर लगे हुए हैं। इस रोड पर वाहनों के गुजरने से धूल के गुबार उड़ रहे हैं। प्रशासन द्वारा यहां पानी का कोई छिड़काव नहीं किया जा रहा है जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर बुरा असर हो रहा है। सांस लेने में मुश्किल हो रही है। जहां-तहां मलबे के ढेर लगे हुए हैं।

ऐसे में अनेक मकान धारकों द्वारा जिनका हिस्सा आधा टूट गया है उन्होंने अपने सामने के हिस्से को बनाने का कार्य शुरू किया है। मटेरियल भी पड़ी हुई है। गिट्टी, रेत, ईटें, लोहा रखने के अलावा ट्रैक्टर व ट्रक खड़े रखने में काफी कठिनाइयों आ रही हैं। यातायात बाधित हो रही है। प्रशासन द्वारा कोई नियोजन ही नहीं है। इस रोड पर हाथ ठेलों, ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा को फिलहाल बंद करने की मांग नागरिकों ने की है।

व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित

बाजार में दुकानदार त्रस्त हैं और उनका व्यापार चौपट होता दिख रहा है। प्रशासन कभी भी काम शुरू करता है और कभी भी बंद कर देता है। बुधवार को हंसापुरी परिसर में कुछ मकानों को तोड़ने कार्रवाई शुरू की गई लेकिन कुछ विवादों के कारण राजनीतिक हस्तक्षेप भी हो गया व आरोप-प्रत्यारोप के बाद दोपहर बाद कार्रवाई बंद कर दी गई व पुलिस स्टाफ वापस चला गया। मलबों के ढेर व दुकानों के ठीक सामने ही खुदाई आदि से ग्राहक भी नहीं आ रहे हैं।

ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास

मेयो अस्पताल के आगे ठेकेदार ने सीमेन्टीकरण के लिए रोड की खुदाई का काम शुरू किया लेकिन होली का हवाला देते हुए काम बंद कर दिया गया है। यहां से नागरिकों को टू-व्हीलर से भी आने-जाने में दिक्कत हो रही है। बार-बार जाम लग रहा है लेकिन ट्रैफिक विभाग का कोई कर्मचारी तैनात नहीं किया गया है। कहा जा रहा है कि रामनवमी की शोभायात्रा का हवाला देकर भी काम को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश जा रही है।

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