दमदार दलों में भी उम्मीदवारी को लेकर भगदड़ (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
नागपुर

दमदार दलों में भी उम्मीदवारी को लेकर भगदड़, कार्यकर्ता भ्रमित, मतदाता परेशान

Political Defection: निकाय चुनाव में नागपुर सहित जिले भर में दलों में जोरदार भगदड़। भाजपा, कांग्रेस, शिंदे सेना और राष्ट्रवादी में बड़े स्तर पर उम्मीदवारों की तोड़फोड़ से कार्यकर्ता व मतदाता भ्रमित है

आंचल लोखंडे

Nagpur Municipal Election: खुद को अजेय बताने वाली पार्टी से लेकर सत्ता पर काबिज दलों और मजबूत विपक्षी पार्टियों में निकाय चुनाव के पहले ही चरण में जिस तरह की भगदड़ देखने को मिली है, उसने उनके बड़े-बड़े दावों की हकीकत सामने ला दी है। जीत सकने वाले उम्मीदवारों को मैदान में उतारने के लिए सत्ताधारी दलों ने ही एक-दूसरे के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। महायुति में शामिल तीनों दलों में सबसे ज्यादा भगदड़ मची। शिंदे सेना ने भाजपा के कई उम्मीदवारों को अपने पाले में किया, तो राष्ट्रवादी ने भी भाजपा के दावेदारों को तोड़ा। इसका असर मुंबई तक पहुंचा।

मंगलवार की कैबिनेट बैठक में इसी मुद्दे पर नाराज होकर शिंदे सेना के मंत्रियों ने बैठक का बहिष्कार किया। बाद में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्होंने अपनी नाराज़गी जताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें उनका ही आईना दिखाया। नागपुर जिले में भी ऐसी ही भगदड़ देखने को मिली, जहां कहीं का कार्यकर्ता कहीं का उम्मीदवार बन गया। इससे कार्यकर्ता परेशान और मतदाता पूरी तरह भ्रमित हैं।

बड़े दलों को भी आयात करने पड़े उम्मीदवार

जिले में पहली बार भाजपा और कांग्रेस जैसे बड़े दलों को भी उम्मीदवार ‘आयात’ करने या दूसरों के उम्मीदवार तोड़ने पड़े। इससे मतदाता इन दलों की ताकत और उनके दावों पर सवाल उठाने लगे हैं। कार्यकर्ता भी इस उलझन में हैं कि कल तक साथ खड़े रहने वाले नेताओं का समर्थन करें या नहीं। जिले में किस तरह से तोड़फोड़ हुई और एक-दूसरे के घर पर सेंध लगाई गई, इसके कुछ उदाहरण चौंकाने वाले हैं।

ऐसे मची भागमभाग

  • मौदा में भाजपा ने अपने उम्मीदवार को हटाकर कांग्रेस से आए प्रसन्ना तिडके पर भरोसा जताया।
  • कामठी में कांग्रेस के शहाजहा शफाअत अंसारी (साजा सेठ) ने कांग्रेस छोड़कर राष्ट्रवादी (घड़ी) का दामन थामा।
  • मोवाड में पूर्व नगरसेविका वर्षा नासरे ने भाजपा छोड़कर राष्ट्रवादी (शरद पवार) में प्रवेश किया।
  • खापा में भाजपा के खेमराज बारापात्रे और प्रफुल्ल मोहटे शिंदे सेना में शामिल हो गए।
  • सावनेर में कांग्रेस के गोपाल घटे की पत्नी वैशाली घटे ने राष्ट्रवादी (अजित पवार गुट) ज्वॉइन किया।
  • उमरेड में भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष दिलीप सोनटक्के को टिकट न मिलने पर उनकी पत्नी शालिनी सोनटक्के शिंदे सेना में शामिल हुईं।
  • भाजपा पदाधिकारी धनंजय अग्निहोत्री की पत्नी धनश्री को टिकट नहीं मिला, तो उन्होंने शिवसेना और निर्दलीय दोनों के रूप में नामांकन भरा।
  • पूर्व नगरसेविका अरुणा हजारे ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया।
  • वानाडोंगरी में भाजपा ने पूर्व नगरसेविका और पूर्व सरपंच महानंदा पाटिल को टिकट नहीं दिया, तो ठाकरे गुट ने उन्हें अपने टिकट पर उतारा।
  • बहादुरा नगर पंचायत में भाजपा की संगीता गायकवाड़ को शिंदे सेना ने अपने पाले में कर लिया।
  • कन्हान-पिंपरी में पूर्व नगराध्यक्ष डॉ. मनोहर पाठक ने भाजपा छोड़कर राष्ट्रवादी (अजित पवार गुट) का दामन थामा।

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