दयाशंकर तिवारी और चंद्रशेखर बावनकुले (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
नागपुर

नाम वापसी का समय खत्म, अब 'समर्थन' की जंग, बागियों के घर दस्तक दे रहे भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज!

Nagpur Municipal Corporation Elections: भाजपा और कांग्रेस बागियों को मनाने में जुटे। चंद्रशेखर बावनकुले और दयाशंकर तिवारी ने संभाली कमान। जानें बगावत का गणित।

प्रिया जैस

Nagpur Politics: नामांकन वापसी के अंतिम दिन मुख्य दलों भाजपा व कांग्रेस ने अपने बागी उम्मीदवारों से नाम वापसी के लिए मान-मनौव्वल की। काफी हद तक दोनों को सफलता भी मिली। भाजपा के करीब 90 से अधिक व कांग्रेस ने करीब 10 पूर्व नगरसेवकों सहित 150 लोगों से नाम वापसी करवाने में सफलता पाने का दावा भी किया। बावजूद इसके दोनों ही दलों में कुछ बागी उम्मीदवार अभी भी डटे हुए हैं।

उसमें भी भाजपा में सर्वाधिक बागी हैं जिनमें कुछ पूर्व नगरसेवक भी हैं। अब नाम वापस नहीं लेकर खुद की पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार को चुनौती देने वाले बागियों को समझा-बुझाकर ‘समर्थन’ पाने का प्रयास जोरों से चल रहा है। भाजपा में तो प्रदेश चुनाव प्रभारी व जिले के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ही इस कार्य में लगे हैं।

जानकारी के अनुसार जहां जरूरत पड़ रही है वहां सीधे सीएम फडणवीस या केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी तक से बात करवाई जा रही है। अब इसमें कितनी सफलता मिलती है, यह 2-4 दिनों में सामने आ जाएगा। कांग्रेस में भी जो कुछ बागी बचे हैं उनकी नाराजगी दूर कर अधिकृत उम्मीदवार को ‘समर्थन’ दिलाने का प्रयास तेज हो गया है।

सभी सेल प्रमुखों को प्रचार का रोडमैप

बीजेपी ने मनपा में चौथी बार कब्जा जमाने के लिए प्रचार की रणनीति बनाई है। शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने पार्टी के सभी 44 सेल (आघाड़ी) प्रमुखों की बैठक ली। उन्होंने भाजपा उम्मीदवारों के प्रचार के लिए हर प्रभाग के घर-घर तक दस्तक देने की अपील सभी से की है। इसके अलावा जो भी कार्यकर्ता बगावत कर चुनाव लड़ रहे हैं उन्हें मनाने के लिए भी उनके ही करीबियों के माध्यम से प्रयास करने को कहा है।

प्रचार में जुट गए उम्मीदवार

कांग्रेस के सारे उम्मीदवार चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। पार्टी के कुछ पदाधिकारियों को बागियों से चर्चा कर उन्हें पीछे हटने के लिए मनाने की जिम्मेदारी दी गई है। जो मैदान में हैं या तो उनसे खुला समर्थन की घोषणा करवाने या फिर अपना प्रचार नहीं करने के लिए मनाने का प्रयास किया जा रहा है।

भीतरखाने की मानें तो इसके लिए भाजपा व कांग्रेस दोनों ही सौदेबाजी भी कर रहे हैं। किसी को तत्काल तो किसी को बाद में लाभ का लालच दिया जा रहा है। कहा जा रहा है कि 2-4 दिनों में अनेक बागियों द्वारा अधिकृत उम्मीदवारों को समर्थन की घोषणा करते देखा जाएगा।

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