प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI) 
नागपुर

नागपुर: मिहान के उद्योगों को बड़ा झटका, बिजली दरें 18% तक बढ़ाने का प्रस्ताव; गडकरी-फडणवीस से लगाई गुहार

MIHAN Electricity Hike: नागपुर मिहान SEZ के लिए MADC ने बिजली टैरिफ में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राजस्व घाटा वसूलने के लिए 2026-28 के बीच दरें बढ़ेंगी।

आकाश मसने

MADC Tariff Proposal: नागपुर के मिहान एसईजेड क्षेत्र में बिजली वितरण का काम देख रही महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी (MADC) ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए संशोधित टैरिफ प्रस्ताव दायर किया है। सुप्रीम कोर्ट और अपेलट ट्रिब्यूनल के निर्देशों का पालन करते हुए एमएडीसी ने वित्त वर्ष 2026-27 से 2029-30 के लिए संशोधित दरें प्रस्तावित की हैं। इससे उद्योग जगत में चिंता की लकीरें खींच गईं हैं। बिजली महंगी होने से पूरा का पूरा गणित बिगड़ने की संभावना जताई जा रही है।

क्यों बढ़ रही हैं बिजली की दरें?

सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के अनुसार सभी वितरण कंपनियों (डिस्काम) को अपने पुराने 'रेवेन्यू गैप' (राजस्व घाटे) को 31 मार्च 2028 तक पूरी तरह से खत्म करना है। एमएडीसी का पिछला प्लान इस घाटे को 2029-30 तक वसूलने का था, लेकिन अब इसे समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए अगले दो वर्षों (2026-27 और 2027-28) में टैरिफ में वृद्धि करना आवश्यक हो गया है।

कब बढ़ेंगी और कब घटेंगी

प्रस्तावित योजना के अनुसार शुरुआती 2 वर्षों में बिजली दरें बढ़ाई जाएंगी, ताकि बकाया घाटा समय पर भर जाए। इसके बाद के वर्षों में दरों में कमी आएगी।

  • वित्तीय वर्ष 2026-27 : बिजली दरों में लगभग 9.15% की वृद्धि प्रस्तावित।
  • वित्तीय वर्ष 2027-28 : दरों में लगभग 8.88% की और वृद्धि प्रस्तावित।
  • वित्तीय वर्ष 2028-29 : इस वर्ष से राहत मिलेगी और दरों में 9.78% की कमी आने की संभावना है।
  • वित्तीय वर्ष 2029-30 : अंत में दरों में 1.69% की और कमी प्रस्तावित है।

उपभोक्ताओं पर होगा असर

एमएडीसी ने प्रस्तावित टैरिफ शेड्यूल के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों (एचटी और एलटी) के लिए ऊर्जा शुल्क और व्हीलिंग चार्ज तय किए हैं। कंपनी का लक्ष्य है कि घाटे की वसूली तेजी से पूरी हो, ताकि भविष्य में बिजली की दरें स्थिर और किफायती हो सकें।

प्रमुख प्रस्तावित टैरिफ (औसत)

वित्तीय वर्ष HT उद्योग (रुपए/KVAh) LT उद्योग (रुपए/KVAh)
2026-27 5.20 5.25
2027-28 5.60 5.70
2028-29 4.85 4.90
2029-30 4.78 4.81

महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग करेगा सुनवाई

एमएडीसी ने यह याचिका महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग (MERC) के पास जमा कर दी है। अब आयोग इस पर सुनवाई करेगा और उपभोक्ताओं व अन्य हितधारकों की आपत्तियों पर विचार करने के बाद अंतिम फैसला लेगा। कंपनी का कहना है कि यह कदम केवल कानूनी निर्देशों का पालन करने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

सीएम और गडकरी से हस्तक्षेप की मांग

मिहान सेज में संचालित उद्योगों और एमएसएमई के लिए बिजली दरों में प्रस्तावित वृद्धि ने उद्यमियों की चिंता बढ़ा दी है। मिहान इंडस्ट्री एसोसिएशन ने महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी के इस प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे उद्योगों के लिए 'बड़ा झटका' करार दिया है।

मिहान इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोहर भोजवानी का कहना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और समुद्री माल ढुलाई की बढ़ती लागत के कारण पहले से ही निर्यात-उन्मुख उद्योग भारी दबाव में हैं। ऐसे में बिजली की दरों में कोई भी बढ़ोतरी उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता और अस्तित्व के लिए खतरा बन सकती है। भोजवानी ने इस मामले में राज्य और केंद्र के वरिष्ठ नेताओं से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से हस्तक्षेप की मांग की है।

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