तीर्थक्षेत्र कोराड़ी स्थित श्री महालक्ष्मी जगदंबा संस्थान  (सोर्स:AI)
नागपुर

नागपुर के कोराडी महालक्ष्मी जगदंबा संस्थान को 30 साल के लिए 1 रुपये में मिलेगी सरकारी जमीन, कैबिनेट की मंजूरी

Koradi Temple Development: महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर के कोराडी तीर्थक्षेत्र विकास के लिए श्री महालक्ष्मी जगदंबा संस्थान को ₹1 सालाना दर पर 30 साल की लीज पर जमीन देने की मंजूरी दी है।

मनीषा बोंदरे

Koradi Land One Rupee Lease: नागपुर जिले के प्रसिद्ध तीर्थक्षेत्र कोराड़ी स्थित श्री महालक्ष्मी जगदंबा संस्थान को तीर्थक्षेत्र विकास प्रस्ताव के तहत विकसित की गई सरकारी जमीन 30 वर्षों के लिए पट्टे पर देने को महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। यह जमीन संस्थान को महज 1 रुपये के नाममात्र वार्षिक किराये पर दी जाएगी। 30 वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार पट्टे के नवीनीकरण का अधिकार नागपुर जिलाधिकारी को दिया गया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को मुंबई के सह्याद्री अतिथिगृह में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

1 रुपये की नाममात्र वार्षिक दर पर जमीन

सरकार के फैसले के अनुसार, श्री महालक्ष्मी जगदंबा संस्थान को यह सरकारी जमीन 30 वर्ष की अवधि के लिए महज 1 रुपये के नाममात्र वार्षिक किराये पर लीज पर दी जाएगी। यह फैसला कोराड़ी तीर्थक्षेत्र के विकास से जुड़े प्रस्ताव के तहत लिया गया है।

राजस्व विभाग के अनुसार, यह निर्णय महाराष्ट्र जमीन राजस्व अधिनियम, 1966 की धारा 40 के तहत सरकारी जमीन के निपटारे के लिए बनाए गए 1971 के नियमों के नियम 35 तथा 25 जुलाई 2019 के शासन निर्णय में किए गए प्रावधानों के आधार पर लिया गया है।

लीज खत्म होने के बाद नवीनीकरण का अधिकार

सरकार ने भविष्य में जमीन के पट्टे को लेकर भी व्यवस्था स्पष्ट की है। 30 वर्ष की लीज अवधि पूरी होने के बाद यदि श्री महालक्ष्मी जगदंबा संस्थान पट्टे के नवीनीकरण की मांग करता है, तो संबंधित शासन निर्णय और नियमों के अनुसार पट्टे के नवीनीकरण का अधिकार नागपुर जिलाधिकारी को दिया गया है।

तीर्थक्षेत्र विकास को मिलेगी गति

कोराड़ी श्री महालक्ष्मी जगदंबा मंदिर नागपुर जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल बैठक में प्रस्ताव मंजूर

सरकार के इस फैसले से कोराड़ी तीर्थक्षेत्र विकास प्रस्ताव के तहत प्रस्तावित विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं का निर्माण, परिसर का व्यवस्थित विकास और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित करने में मदद मिल सकती है।

लंबी अवधि के लिए सरकारी जमीन संस्थान को उपलब्ध होने से तीर्थक्षेत्र के विकास से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया भी आसान होने की संभावना है। मंत्रिमंडल के इस फैसले के बाद कोराड़ी तीर्थक्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार और परिसर के बेहतर नियोजन का रास्ता और अधिक सुगम होगा।

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