NIA ने US नागरिक पर नहीं लगाया UAPA, कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना, कहा- अमेरिका के दवाब में बदला फैसला

UAPA Case India US Citizen: NIA ने सात विदेशी नागरिकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, लेकिन अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैन डाइक पर UAPA की धाराएं नहीं लगाईं। कांग्रेस ने सरकार से सवाल पूछे।
NIA Chargesheet Matthew Van Dyke
अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक (सोर्स- सोशल मीडिया)
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NIA Chargesheet Matthew Van Dyke: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मंगलवार को सात विदेशी नागरिकों के खिलाफ दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में NIA ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक के खिलाफ आतंकवाद-रोधी कानून गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) नहीं लगाया। इसे लेकर अब कांग्रेस ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। 

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि क्या NIA ने सही जांच के बाद US नागरिक के खिलाफ टेरर चार्ज हटा दिए या अमेरिकी अधिकारियों के कहने पर मोदी सरकार ने तुरंत ऐसा करने का दबाव डाला? इस बदले में भारत क्या उम्मीद कर रहा है? यह तो दादागिरी लगती है।

क्या है वैन डाइक का मामला? 

मार्च 2026 में UAPA के सेक्शन 18 के तहत, जो आतंकी साज़िश से जुड़ा था, भारतीय न्याय संहिता (BNS) के जरूरी नियमों के साथ रजिस्टर किया था। जांच इस आरोप से शुरू हुई कि सात आरोपी म्यांमार में ऐसे जातीय हथियारबंद ग्रुप्स को सपोर्ट और ट्रेनिंग देने में शामिल थे जो कथित तौर पर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक थे।

एनआईए ने इस मामले की जांच गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत करना शुरू किया था, लेकिन करीब 180 चली जांच के बाद अदालत में दाखिल की गई चार्जशीट से UAPA की धाराओं शामिल नहीं किया है। इसे लेकर अब कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। 

मोदी सरकार को देश को जवाब देना चाहिए

कांग्रेस सांंसद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि अगर रिपोर्ट्स सच हैं कि अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैन डाइक के खिलाफ हाई-लेवल अमेरिका-भारत बैठकों के बाद आतंकवाद का आरोप हटा दिए गए हैं, तो मोदी सरकार को देश को जवाब देना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति को गैर-कानूनी एंट्री, हथियारबंद ग्रुप्स से लिंक और ड्रोन वॉरफेयर ट्रेनिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था, तो वे गंभीर आरोप अचानक कैसे गायब हो गए?

कौन है वैन डाइक?  

NIA की पूछताछ में  वैन डाइक ने खुद को कॉम्बैट स्पेशलिस्ट और सिक्योरिटी फर्म सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल (SOLI) का फाउंडर बताता है। उसे 13 मार्च को रात करीब 9 बजे नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक समन्वित कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे 17 मार्च को 11 दिनों की NIA कस्टडी में भेज दिया गया और वह लगभग 180 दिनों तक जेल में रहा।

NIA Chargesheet Matthew Van Dyke
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वैन डाइक के वकील रोहित डंडरियाल ने कहा कि NIA ने शुरू में उनके मुवक्किल पर UAPA के तहत केस किया था, लेकिन बाद में पाया कि यह सख्त कानून लागू नहीं होता। उन्होंने कहा, सबसे पहले मैं आपको यह बताना चाहूंगा कि पहले NIA ने मैथ्यू पर केस किया। वे यह आरोप लगा रहे हैं कि मैथ्यू एरन वैन डाइक पर UAPA एक्ट के तहत केस किया गया है। लेकिन अब, 180 दिनों के बाद, NIA को यह पता चला है कि वह UAPA एक्ट के तहत आरोपी नहीं है। उस पर सिर्फ फॉरेनर्स एक्ट, सेक्शन 21 और 23 के तहत आरोप है। इसलिए, यह NIA के काम करने के तरीके पर उंगली उठाता है कि वे कैसे काम कर रहे हैं।

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