हाई कोर्ट (फाइल फोटो) 
नागपुर

सीबीआई की एफआईआर और ईडी का एक्शन! नागपुर में हाई कोर्ट ने सुनाया कोयला ब्लॉक आवंटन केस में बड़ा फैसला

Coal Scam Grace Industries Nagpur: कोयला घोटाला में ग्रेस इंडस्ट्रीज की ₹24.92 करोड़ की संपत्ति जब्ती वैध! नागपुर हाई कोर्ट ने ईडी को दी बड़ी राहत, न्यायाधिकरण का आदेश रद्द।

प्रिया जैस

ED Seizure Valid High Court: नागपुर में कोयला खदान आवंटन घोटाले के मामले में ग्रेस इंडस्ट्रीज कंपनी की सम्पत्तियां जब्त किए जाने की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को भले ही अपीलीय न्यायाधिकरण ने अवैध करारा दिया हो किंतु इसे चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में ईडी की ओर से याचिका दायर की गई।

इस पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश मुकुलिका जावलकर और न्यायाधीश नंदेश देशपांडे ने आरोपी कंपनी 'ग्रेस इंडस्ट्रीज' की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त करने की ईडी की कार्रवाई को वैध करार दिया है।

उल्लेखनीय है कि ग्रेस इंडस्ट्रीज कंपनी पर कोयला खदान आवंटन घोटाले के माध्यम से 24 करोड़ 92 लाख 49 हजार रुपये का अवैध आर्थिक लाभ हासिल किए जाने का आरोप लगाया गया था जिसे गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई करते हुए 30 मई 2016 को कंपनी की अचल संपत्तियों को जब्त कर लिया था।

बैंकों और न्यायाधिकरण के बीच कानूनी पेंच

जांच में यह बात सामने आई कि कंपनी ने ये संपत्तियां एचडीएफसी (HDFC) और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के पास कर्ज लेने के लिए गिरवी रखी थीं। संपत्तियों की जब्ती के खिलाफ दोनों बैंकों ने अपीलीय न्यायाधिकरण में याचिका दायर की थी। अगस्त 2017 और जनवरी 2018 में न्यायाधिकरण ने ईडी की जब्ती की कार्रवाई को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया था।

न्यायाधिकरण का तर्क था कि गिरवी रखी गईं संपत्तियों पर पहला अधिकार बैंकों का होता है। प्रवर्तन निदेशालय ने न्यायाधिकरण के इन फैसलों को हाई कोर्ट में चुनौती दी। हाई कोर्ट ने ईडी की दलीलों में तथ्य पाते हुए न्यायाधिकरण के विवादित आदेशों को रद्द कर दिया और जब्ती की कार्रवाई को सही ठहराया। हालांकि अदालत ने दोनों बैंकों को यह विकल्प दिया है कि वे अपनी जब्त संपत्तियां छुड़ाने के लिए विशेष सत्र न्यायालय में आवेदन कर सकते हैं।

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