DJ और हाई-डेसिबल साउंड सिस्टम  (सोर्स: सोशल मीडिया)
नागपुर

नागपुर हाई कोर्ट का आदेश; DJ बंदी पर उल्लंघन किया तो साउंड सिस्टम होगा जब्त, सिर्फ चेतावनी से नही चलेगा काम

Nagpur DJ Ban: DJ और हाई-डेसिबल साउंड सिस्टम से ध्वनि प्रदूषण को लेकर नागपुर हाई कोर्ट ने कड़ा आदेश दिया हैं। उन्होंने कहा, सिर्फ नोटिफिकेशन से काम नही चलेगा, उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई होगी।

मनीषा बोंदरे

Nagpur DJ Ban Noise Pollution Case: नागपुर में त्योहारों के दौरान DJ और हाई-डेसिबल साउंड सिस्टम से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को लेकर नागपुर हाई कोर्ट ने शुक्रवार को कड़ा रुख अपनाया।

न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फाल्के और न्यायमूर्ति राज वाकोडे की पीठ ने स्पष्ट किया कि केवल प्रतिबंध का आदेश या नोटिफिकेशन जारी कर देना पर्याप्त नहीं है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई करना जरूरी है।

कोर्ट ने पुलिस आयुक्त को दिये निर्देश

कोर्ट ने पुलिस आयुक्त और संबंधित पुलिस उपायुक्त को निर्देश दिया कि प्रतिबंध के बावजूद DJ और तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम का इस्तेमाल करने वाले संचालकों व आयोजकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर भारी-भरकम साउंड उपकरणों और उनसे जुड़े वाहनों की जब्ती की कार्रवाई की जानी चाहिए।

1 नवंबर तक पूरे विदर्भ में सख्ती

हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि 11 सितंबर से 1 नवंबर 2026 तक पूरे विदर्भ के सभी जिलों में ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मंडलेकर ने अदालत के संज्ञान में लाया कि पुलिस आयुक्त की ओर से निषेधाज्ञा जारी होने के बावजूद त्योहारों के दौरान ध्वनि प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन हो रहा है।

त्योहारों पर DJ बंदी

राज्य सरकार की ओर से पुलिस उपायुक्त ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि आगामी त्योहारों जैसे दही हंडी, पोला, तान्हा पोला, ताजुद्दीन बाबा उर्स, गणेशोत्सव, दुर्गा पूजा और धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस तयोहारों को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत 2 सितंबर 2026 को विशेष अधिसूचना जारी की गई है।

इस अधिसूचना के तहत 3 सितंबर की मध्यरात्रि से 1 नवंबर 2026 की रात 11:59 बजे तक DJ सिस्टम, मल्टी-स्पीकर, प्लाज्मा साउंड सिस्टम, प्रेशर मिड साउंड सिस्टम और इनके लिए मॉडिफाई किए गए वाहनों के संचालन व उपयोग पर रोक लगाई गई है। संचालकों और आयोजकों को इन उपकरणों तथा वाहनों को अपनी कस्टडी में सुरक्षित और लॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं।

शोभायात्रा के वीडियो से सामने आया ध्वनि स्तर

सुनवाई के दौरान पोला पर्व की शोभायात्रा का एक वीडियो भी अदालत के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने वीडियो फुटेज देखने के साथ उसमें दर्ज ध्वनि स्तर का सत्यापन भी कराया। अदालत ने पाया कि वीडियो में दर्ज ध्वनि का स्तर निर्धारित कानूनी सीमा से काफी अधिक था।

याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि केवल कागजों पर आदेश जारी करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके बाद कोर्ट ने पुलिस प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि प्रतिबंधित DJ और साउंड सिस्टम का इस्तेमाल न हो तथा उल्लंघन होने पर ठोस कार्रवाई की जाए।

BRICS Summit 2026 LIVE: BRICS समिट का आगाज, पीएम मोदी बोले- हम किसी के विरुद्ध नहीं, लेकिन बदलाव जरूरी

BRICS किसी के खिलाफ नहीं, UNSC में रिफॉर्म को अब टाल नहीं सकते; PM मोदी का दुनिया को संदेश

BRICS Summit 2026: भारत पहुंचे शी जिनपिंग; PM नरेंद्र मोदी की इथियोपिया-मलेशिया के साथ बैठक

ईरान से रिश्तें न बिगाड़े प्रधानमंत्री, मोदी-पेजेशकियान मुलाकात पर बोले प्रमोद तिवारी, कहा- चीन से समझौता नहीं

BRICS Summit: शी जिनपिंग के साथ दो प्रभावशाली नेताओं की नई दिल्ली में मौजूदगी, कौन हैं काई ची और वांग यी?