Nagpur Fire Safety Ganesh Pandal: गणेशोत्सव के दौरान नागपुर के 1,300 पंजीकृत गणेश मंडलों को मनपा अग्निशमन विभाग ने फायर अलर्ट जारी किया है।
पंडालों में अग्निशामक यंत्र, पानी, फायर एग्जिट और सुरक्षित वायरिंग समेत कई नियमों का पालन अनिवार्य किया गया है।
गणेशोत्सव के दौरान पंडालों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए नागपुर मनपा का अग्निशमन विभाग अलर्ट मोड में है। शहर के 1,300 पंजीकृत गणेश मंडलों को फायर अलर्ट जारी कर सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की टीमें पंडालों का औचक निरीक्षण करेंगी और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
मनपा NMC के मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजेंद्र उचके ने गणेश मंडलों से अपील की है कि सजावट और झांकियों के साथ अग्नि सुरक्षा को प्राथमिकता दें। विभाग ने आग और आपात स्थिति से बचाव के लिए कई अनिवार्य नियम तय किए हैं।
1. कम से कम 2 अग्निशामक यंत्र
हर पंडाल में कम से कम दो अग्निशामक यंत्र चालू हालत में रखना अनिवार्य है। उनका प्रेशर और वैधता समय-समय पर जांचना होगा।
2. 200 लीटर पानी की व्यवस्था
आपात स्थिति के लिए पंडाल में कम से कम 200 लीटर पानी और बाल्टियां तैयार रखनी होंगी।
3. प्रवेश और निकास मार्ग खुले रखें
पंडाल के प्रवेश, निकास और आसपास के संपर्क मार्गों पर किसी तरह का अवरोध नहीं होना चाहिए।
4. फायर एग्जिट जरूरी
पंडाल में अलग और स्पष्ट फायर एग्जिट रखना होगा। इसके रास्ते में कुर्सियां, प्रसाद स्टॉल या सजावटी सामान रखकर रास्ता बंद नहीं किया जा सकेगा।
5. ज्वलनशील सामान पर रोक
केरोसिन दीये, मोमबत्ती, सिगड़ी, गैस सिलेंडर, पटाखे, विस्फोटक सामग्री, सूखी लकड़ी और घास जैसे ज्वलनशील पदार्थ रखने पर रोक रहेगी।
6. ISI मार्क वाले बिजली उपकरण
शॉर्ट सर्किट के खतरे को कम करने के लिए केवल प्रमाणित और ISI मार्क वाले बिजली उपकरणों व तारों का इस्तेमाल करने के निर्देश हैं। अस्थायी वायरिंग, मल्टीप्लग और एक्सटेंशन बोर्ड से ओवरलोडिंग से बचना होगा।
7. मुख्य द्वार का निर्धारित आकार
दमकल वाहनों की आवाजाही के लिए मुख्य द्वार की ऊंचाई कम से कम 4.5 मीटर और चौड़ाई 6 मीटर रखने का निर्देश है।
8. नो-पार्किंग और अग्निरोधक व्यवस्था
आपातकालीन वाहनों के रास्ते में किसी भी वाहन को खड़ा नहीं किया जा सकेगा। पंडाल में इस्तेमाल होने वाले कपड़ों पर फायर-रेटार्डेंट कोटिंग और सुरक्षित वायरिंग जरूरी होगी। वायरिंग का काम लाइसेंस प्राप्त ठेकेदार से कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि पंडाल में रखे अग्निशामक यंत्र केवल दिखावे के लिए नहीं होने चाहिए। मंडल के स्वयंसेवकों को इनके इस्तेमाल का बुनियादी प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजेंद्र उचके के अनुसार, विभाग की टीमें पंडालों का औचक निरीक्षण करेंगी। नियमों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित मंडल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।