Nagpur Fake Medicine Racket Busted News: एफडीए ने नागपुर में नकली दवाओं के एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। जांच में आयुर्वेदिक दवा के नाम पर सेक्स पावर बढ़ाने वाले 'कामराज' कैप्सूल की बिक्री और नकली एलोपैथिक दवाओं के कारोबार का खुलासा हुआ।
यह नेटवर्क नागपुर से पंजाब, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। मामले में दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एफडीए को सूचना मिली थी कि प्रसिद्ध औषधि निर्माता कंपनी की काइमोरल फोर्ट के नाम पर नागपुर में नकली दवाएं बेची जा रही हैं।
इसके बाद औषधि निरीक्षकों ने विभिन्न थोक व खुदरा दवा विक्रेताओं से नमूने लेकर मुंबई स्थित प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजे। जांच में पाया गया कि दवा में मौजूद ट्रिप्सिन और काइमोट्रिप्सिन एंजाइमों की सक्रियता निधर्धारित मानकों से काफी कम थी।
वहीं निर्माता कंपनी ने भी पुष्टि की कि यह उत्पाद उनके द्वारा निर्मित नहीं किया गया था और पूरी तरह नकली था। जांच के दौरान नागपुर, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश तक फैले दवा आपूर्ति तंत्र का खुलासा हुआ। मामले में कुल 12 व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत नागपुर पुलिस में अपराध क्रमांक 221 दर्ज किया गया है।
इसी प्रकार एफडीए की जांच में कामराज कैप्सूल नामक आयुर्वेदिक उत्पाद के नमूनों में टाडालाफिल और पैरासिटामोल जैसे एलोपैथिक औषधीय घटक पाए गए। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में उत्पाद को मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं घोषित किया गया। विशेष बात यह रही कि इन औषधीय घटकों का उल्लेख उत्पाद के लेबल पर नहीं किया गया था। अधिकारियों के अनुसार ऐसे घटकों का अनियंत्रित सेवन उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है।
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इस मामले में नागपुर, पंजाब और उत्तर प्रदेश तक फैले नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है। जांच में नागपुर की विस फार्मास्युटिकल्स, मुजफ्फरनगर की अल्टीमेट आयुर्वेद और जालंधर स्थित ब्रहमानंद आयुर्वेदा प्राइवेट लिमिटेड की संलिप्तता सामने आई है। संबंधित संस्थाओं के खिलाफ गणेशपेठ पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 218 दर्ज किया गया है।