FDA की सख्ती का असर: अकोला में पनीर और खोया उत्पादन में 30% गिरावट

FDA Action: अकोला जिले में अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) की मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बाद पनीर और खोया उत्पादन में करीब 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
fda action paneer khoya production drop price hike akola
Paneer Production Drop (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Akola Food Adulteration: अन्न एवं औषधि प्रशासन एफडीए द्वारा जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का असर अब बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। नकली दुग्ध उत्पाद तैयार करने वालों पर हुई सख्त कार्रवाई के कारण शहर और जिले में पनीर तथा खोया के उत्पादन में करीब 30 प्रतिशत की कमी आई है।

इससे बाजार में मिलावटी उत्पादों की आवक कम हुई है जिससे लोगों को गुणवत्तापूर्ण उत्पादों का लाभ तो मिल रहा है, लेकिन दूसरी ओर उत्पादन घटने से पनीर और खोया के दामों में भारी बढ़ोतरी हो गई है, जिसका सीधा असर होटल व्यवसायियों और आम ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है। जिले में होटल एवं खानपान व्यवसाय का बड़ा नेटवर्क है, जहां पनीर सहित अन्य दुग्ध उत्पादों की लगातार अधिक मांग रहती है।

पनीर-खोया बाजार में बदलाव

पिछले कुछ समय से एफडीए द्वारा की जा रही लगातार जांच और कार्रवाई के चलते मिलावटी पनीर एवं खोया बनाने वाले कई उत्पादकों ने अपना उत्पादन अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसके कारण बाजार में अचानक कमी पैदा हो गई और कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। जानकारी के अनुसार, पहले लगभग 300 रु। प्रति किलो मिलने वाला पनीर अब 420 रु.  प्रति किलो तक पहुंच गया है। वहीं खोया के दामों में भी प्रति किलो 80 से 100 रु। तक की वृद्धि दर्ज की गई है।

नकली दूध कारोबार पर शिकंजा

बढ़ी हुई कीमतों के कारण होटल संचालकों की लागत में इजाफा हुआ है, वहीं आम उपभोक्ताओं को भी दुग्ध उत्पाद खरीदने के लिए पहले से अधिक खर्च करना पड़ रहा है। दूध के दामों में भी आई तेजीपनीर और खोया के साथसाथ जिले में दूध के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भैंस के दूध की कीमत में प्रति लीटर 4 रु. और गाय के दूध की कीमत में प्रति लीटर 2 रु. की वृद्धि हुई है।

पनीर और खोया के दामों में भारी उछाल

एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में नकली दूध और खाद्य मिलावट के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई वर्षों से बाजार में मिलावटी दूध और दुग्ध उत्पादों के कारण ईमानदारी से दूध व्यवसाय करने वाले किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा था। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई नकली दूध और मिलावटी उत्पादों के कारोबार पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com