कार की लालच में इंजीनियरिंग छात्र बने हत्यारे (सौजन्य-नवभारत) 
नागपुर

कार की लालच और जुर्म की राह! 3 इंजीनियरिंग छात्र निकले कारोबारी के हत्यारे, कबूलनामे में चौंकाने वाला खुलासा

Nagpur Crime Branch: नागपुर में कार के लालच में इंजीनियरिंग छात्रों ने की व्यापारी की हत्या। क्राइम ब्रांच ने 12 घंटे में 3 छात्रों को किया गिरफ्तार। रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात।

प्रिया जैस

Nagpur Crime News: कार का मोह इतना बढ़ गया कि इंजीनियरिंग के तीन छात्रों ने एक व्यापारी की बेरहमी से हत्या कर दी। यह सनसनीखेज वारदात वाड़ी थाना क्षेत्र में सामने आई है। क्राइम ब्रांच यूनिट 1 की टीम ने महज 12 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पकड़े गए आरोपियों में व्यंकटेश कॉलोनी, नंदनवन निवासी आर्यन नरेश शेंडे (22), शिल्पा सोसाइटी, मनीषनगर निवासी रिशांक तारेश कांबले (20) और हिवरीनगर निवासी अनुज रमेश वाघमारे (19) का समावेश है। मृतक की पहचान त्रिमूर्ति सोसाइटी, वाड़ी निवासी सुचित उपासराव भोजापुरे (44) के रूप में हुई। सुचित स्पेयर पार्ट्स सप्लाई का व्यवसाय करते थे।

नशे की हालत में की घर छोड़ने की मांग

पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी केडीके कॉलेज में बीटेक के छात्र हैं। आर्यन कंप्यूटर साइंस के द्वितीय वर्ष में पढ़ता है, जबकि रिशांक और अनुज मैकेनिकल शाखा के द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। गुरुवार को सुबह तीनों ने परीक्षा दी। करीब 11 बजे आर्यन ने अपने दोस्तों को पारडी चौक के समीप अपनी दादी के घर चलने को कहा। तीनों एक ही मोपेड पर सवार होकर निकले। वर्धमाननगर पुल के पास उन्हें सुचित अपनी कार क्र. एमएच-40-बीजे-1810 में नशे की हालत में दिखाई दिए लेकिन उन्हें नजरंदाज कर तीनों पारडी चले गए। दादी के घर जाने के बाद जब वे लौटे, तो सुचित उसी हालत में कार में बैठे मिले। उनका एक पैर बाहर लटका हुआ था। तीनों ने रुककर उनसे मदद के बारे में पूछा। सुचित ने उन्हें 10 किलोमीटर तक छोड़ने का अनुरोध किया।

पत्थर से सिर पर किए कई प्रहार

इसके बाद अनुज मोपेड लेकर घर चला गया, जबकि आर्यन और रिशांक कार में सुचित को लेकर उसके घर पहुंचे। तीनों फिर सुचित को लेकर भिवापुर गए। वहां सुचित ने कार में रखा सामान देखा, जो चोरी हो चुका था। इसके बाद उन्होंने तीनों से वाड़ी छोड़ने की बात कही। रास्ते में आर्यन ने सुचित की पत्नी का मोबाइल नंबर लेकर उनसे संपर्क किया और उन्हें घर लाने की बात कही लेकिन जब वे वाड़ी पहुंचे, तो घर पर ताला लगा मिला।

दोबारा संपर्क करने पर पत्नी ने नाराजगी जताते हुए फोन बंद कर दिया। रात होने के बाद तीनों सुचित को कार में लेकर वडधामना इलाके में पहुंचे। सुचित के नशे में होने का फायदा उठाकर तीनों के मन में कार हड़पने का लालच आ गया। आरोपी उन्हें खड़गांव रोड स्थित लावा श्मशान घाट के पास सुनसान जगह पर ले गए। वहां तीनों ने पत्थर से सुचित के सिर पर सात बार वार कर हत्या कर दी।

नग्न अवस्था में झाड़ियों में फेंका शव

इसके बाद आरोपियों ने सुचित के कपड़े उतारकर नग्न अवस्था में शव झाड़ियों में फेंक दिया। आरोपियों ने पेंटिंग कर कार का रंग बदलने का प्लान बनाया था। सुचित के दोनों मोबाइल भी आरोपियों ने चोरी कर लिए। शुक्रवार दोपहर को सुचित का शव मिला। वाड़ी पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। सुचित के घर नहीं पहुंचने पर परिजन परेशान हो गए। पूछताछ में आरोपियों द्वारा कॉल किए जाने का पता चला।

वाड़ी के साथ क्राइम ब्रांच की टीम भी जांच में जुटी थी। तकनीकी जांच के जरिए पुलिस ने आरोपियों को 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर भेदोड़कर, एपीआई सचिन भोंडे, राजाभाउ जाधव, एएसआई विनोद देशमुख, हेड कांस्टेबल रवि अहिर, सुनीत गुजर, मनोज टेकाम, रितेश तुमडाम, योगेश वासनिक, प्रीतम यादव, कुणाल गेडाम, अजमत शेख और रविंद्र खेड़ेकर ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

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