शोभायात्रा से गायब 14 साल के अथर्व की बेरहमी से हत्या! 42 घंटे बाद बोरे में बंधी मिली लाश, नागपुर में सनसनी

Nagpur Atharva Nanore Murder: नागपुर के गिट्टीखदान से लापता 14 वर्षीय अथर्व ननोर की निर्मम हत्या। कलमेश्वर बाईपास पर मिला शव, हाथ-पैर बांधकर बोरे में फेंका। पुलिस को रंजिश का शक।
Tragic end to Nagpur missing boy case. 14-year-old Atharva Nanore found murdered near Kalmeshwar bypass. Police suspect personal rivalry. Read the full report.
अथर्व ननोरे की बेरहमी से हत्या (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur Murder Case: नागपुर में शोभायात्रा के दौरान गुरुवार को लापता हुए गवलीपुरा, गिट्टीखदान निवासी अथर्व दिलीप ननोरे (14) की निर्मम हत्या से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। घटना के 42 घंटे बाद उसका शव कलमेश्वर थानांतर्गत भरतवाड़ा बाईपास पर पाया गया। इस घटना से जहां स्थानीय नागरिकों में रोष और शोक फैला हुआ है, वहीं पुलिस विभाग के भी हाथ-पैर फूल गए हैं क्योंकि शनिवार देर रात तक पुलिस को आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला था।

अथर्व ननोरे पलोटी स्कूल में 9वीं कक्षा का छात्र था। उसके पिता दिलीप सब्जी का थोक व्यवसाय करते हैं। मां रेवती गृहिणी है और बड़ा भाई भी पढ़ाई कर रहा है। गुरुवार की शाम गिट्टीखदान परिसर में हनुमान जन्मोत्सव के निमित्त शोभायात्रा का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में खुद दिलीप भी शामिल हुए थे। अथर्व भी शोभायात्रा में हिस्सा लेने आया था।

वह एक झांकी में बैठकर घूम रहा था। केटीनगर के आरआर नर्सिंग होम के समीप वह आइसक्रीम लेने के लिए झांकी से नीचे उतरा और इसके बाद से वह किसी को दिखाई नहीं दिया। शोभायात्रा खत्म होने के बावजूद वह घर नहीं पहुंचा तो परिजन परेशान हो गए।

आस-पास इलाके में उसकी तलाश की गई लेकिन कुछ पता नहीं चला और देर रात गिट्टीखदान पुलिस से उसके लापता होने की शिकायत की गई। शुक्रवार दोपहर तक उसका कोई सुराग नहीं मिलने के कारण स्थानीय नागरिकों ने गिट्टीखदान चौक पर रास्ता रोको आंदोलन किया।

शनिवार को भी रास्ता रोको आंदोलन

पुलिस ने अथर्व को जल्द ढूंढने का आश्वासन दिया, लेकिन शनिवार दोपहर तक भी पुलिस के हाथ खाली थे। अथर्व का सुराग नहीं मिलने से नाराज परिजन और स्थानीय नागरिकों ने फिर से चक्का जाम कर दिया। पुलिस विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि सीपी रविंद्रकुमार सिंगल और ज्वाइंट सीपी नवीनचंद्र रेड्डी सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सभी को समझाने का प्रयास किया।

सीपी के आश्वासन के बाद भी कोई कुछ सुनने को तैयार नहीं था। ऐसे में पुलिस ने बल प्रयोग करके सभी को रास्ते से हटा दिया। कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया। ऐसे में परिसर में तनाव बना हुआ था। सभी को अथर्व के सकुशल लौटने की उम्मीद थी, लेकिन दोपहर को अचानक दुखभरी खबर पहुंची और पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।

अथर्व का शव भरतवाड़ा बाईपास रोड पर पाया गया। एक ट्रक चालक ने बच्चे का शव रास्ते के किनारे पड़े होने की जानकारी दी। इसके बाद कलमेश्वर पुलिस मौके पर पहुंची। पिता दिलीप को शिनाख्त के लिए बुलाया गया। ज्वाइंट सीपी रेड्डी सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक जांच टीम भी पहुंची। पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल अस्पताल भेज दिया गया।

पहले गला घोटा, हाथ-पैर बांधकर फेंका

अथर्व का अपहरण किसने और क्यों किया, यह अब तक पता नहीं चल पाया। शव को देखकर साफ अनुमान लगाया जा सकता है कि अपहर्ता ने पहले अथर्व की गला घोंटकर हत्या की। गर्दन पर जख्म के निशान भी दिखाई दिए। इसके बाद हाथ और पैर बांधकर उसका शव एक बोरे में डालकर भरतवाड़ा बाईपास के पास फेंका गया।

अब सवाल यह उठता है कि महज 14 वर्ष के बालक की कोई इतनी बेरहमी से हत्या क्यों करेगा? पुलिस का अनुमान है कि किसी ने रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिया है। खबर मिली है कि आर्थिक लेन-देन और प्लॉट को लेकर दिलीप का कुछ लोगों से विवाद चल रहा था। पुलिस ने सभी संदिग्धों की सूची बनाई है और पूछताछ भी शुरू की जा चुकी है।

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