मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस व चंद्रशेखर बावनकुले (सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

जहां गठबंधन नहीं, वहां मैत्रीपूर्ण लड़ाई लड़ेगी बीजेपी, CM फडणवीस ने नागपुर से फूंका चुनावी बिगुल

CM Devendra Fadnavis ने नागपुर में कहा कि जहां महायुति गठबंधन नहीं होगा, वहां बीजेपी सहयोगी दलों के साथ मैत्रीपूर्ण लड़ाई लड़ेगी। पार्टी ने 51% वोट हासिल करने का लक्ष्य तय किया।

आकाश मसने

BJP Strategy For Maharashtra Nikay Chunav: महाराष्ट्र में होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा जहां महायुति के साथ गठबंधन नहीं होता वहां सहयोगी दलों के साथ मैत्रीपूर्ण लड़ाई के लिए तैयार है। सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने यह पहले ही स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने नागपुर में पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की।

बैठक में पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले भी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि बीजेपी की तैयारी शुरू है। महायुति मिलकर चुनाव लड़ने का प्रयास कर रही है लेकिन जहां गठबंधन नहीं होगा वहां मैत्रीपूर्ण लड़ाई होगी।

सीएम की उपस्थिति में चुनाव की तैयारी के संदर्भ में नागपुर में बैठक हुई। उन्होंने आवश्यक दिशानिर्देश दिये। बैठक में 51 फीसदी वोट हासिल करने का टारगेट रखा गया। सीएम 3 दिनों से उत्तर महाराष्ट्र, पश्चिम महाराष्ट्र व विदर्भ दौरे पर हैं और पार्टी के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों की बैठक ले रहे हैं। अमरावती में बैठक के बाद उन्होंने नागपुर में भी बैठक ली।

दिवाली के पूर्व किसानों को मुआवजा

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि राज्य में अतिवृष्टि से हुए नुकसान के चलते किसानों के लिए 31,000 करोड़ के पैकेज का लाभ दिवाली के पूर्व ही मिलना चाहिए, ऐसा निर्देश सीएम ने दिया है। कोई भी किसान वंचित न रह पाए इसके स्पष्ट आदेश दिए हैं।

तहसीलदार, पटवारियों के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं को समन्वय बनाए रखने को कहा गया है। नुकसान भरपायी जल्द ही देने की प्रक्रिया शुरू हुई है। किसी की दिवाली अंधेरे में न रहे इसका ध्यान रखा जा रहा है।

वडेट्टीवार ने पलटी खाई

बावनकुले ने कहा कि कांग्रेस व विजय वडेट्टीवार ने हमेशा दिशाभूल की है। कांग्रेस ने कभी मराठा व ओबीसी को न्याय नहीं दिया। केवल झगड़े लगाए। आज वे जो कह रहे हैं उसके ठीक उलट वे जरांगे के आंदोलन में बोल रहे थे। तब उन्होंने मराठाओं को ओबीसी कोटे से आरक्षण देने को कहा था। अब वे पलट गए हैं। हिंगना में मतदाता सूची में त्रुटि के संदर्भ में कहा कि अगर गलती हुई होगी तो प्रशासन उसे सुधारेगा। आपत्ति लेने का सभी को अधिकार है।

कम होगा रेत का भाव

बारिश में रेत उत्खनन बंद होने से रेत 30 सितंबर तक उपलब्ध नहीं थी। राज्य में जल्द ही 500 रेत घाटों की नालामी होगी। आगामी 15-20 दिनों में रेत उपलब्ध होने पर दाम भी कम होगा। उन्होंने कहा कि एम-सैंड के लिए और 2 वर्ष लगेंगे। हर जिले में 50 क्रशर लगाने की योजना है।

अंगूर खट्टे हैं तो बेल काटने लगे, दिल्ली प्रोटेस्ट पर पहली बार बोले PM मोदी; राहुल गांधी को बताया फेल प्रोडक्ट

दिल्ली नगर निगम में क्यों भिड़े AAP-कांग्रेस पार्षद? विकास फंड से शुरू हुआ विवाद, हाथापाई तक पहुंची बात- VIDEO

नेहा बोरा ने CJP से किया किनारा, हाई कोर्ट में कहा- तिरंगा फहराने के लिए अनुमति जरूरी नहीं; कब आएगा फैसला?

सोनम का झलका दर्द, सरकार पर लगाया वादा खिलाफी का गंभीर आरोप; कहा चीन लद्दाख को नहीं मानता भारत का हिस्सा

रेहान वाड्रा की 74 तस्वीरें प्रदर्शनी से क्यों हटाई गईं? बीकानेर हाउस ने बताई वजह