MPSC Exam Reforms: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) तथा अन्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया, पद्धति और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों में सुधार के लिए गठित उच्च स्तरीय राज्य समिति को राज्यभर के अभ्यर्थियों से 18,000 से अधिक ई-मेल और सुझाव प्राप्त हुए हैं।
पुणे के बाद नागपुर विभाग से ही 7,600 ई-मेल आए और 400 से अधिक छात्रों व अभ्यर्थियों ने सीधे संवाद कर अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। समिति की अध्यक्ष एवं राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी.राधा ने बताया कि यह देश में अपनी तरह का पहला प्रयोग है जहां समिति सीधे छात्रों से संवाद कर रही है। प्राप्त सभी सुझावों का अध्ययन कर समिति 3 महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
संवाद सत्र में वी. राधा अध्यक्ष, अतिरिक्त मुख्य सचिव, सदानंद दाते महानिदेशक, महाराष्ट्र पुलिस, रामास्वामी, सदस्य सचिव एवं सचिव मत्स्यपालन व पशु पालन, श्यामप्रसाद करगड्डे, आईआईटी बॉम्बे, अजीत भोसले (रिटायर्ड) पूर्व सदस्य, यूपीएससी उपस्थित थे।
समिति की अध्यक्ष वी. राधा ने भी स्वीकार किया कि छात्रों ने शिकायत की है कि वे 5-5 साल तक लगातार मेहनत करते हैं लेकिन 2 साल तक भर्तियां ही नहीं निकलतीं।
जब परीक्षा होती है तो पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामले सामने आ जाते हैं। अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया, उत्तर पुस्तिकाओं की जांच और नियुक्ति में हो रही देरी को लेकर भारी आक्रोश व्यक्त किया।
अध्यक्ष वी. राधा ने स्पष्ट किया कि विशेष जांच दल की भूमिका अलग है जो पेपर लीक और भ्रष्टाचार के आपराधिक मामलों की जांच कर रही है और दोषियों पर कार्रवाई करेगी, जबकि इस उच्च स्तरीय समिति का मुख्य काम एमपीएससी और अन्य भर्ती प्रणालियों को मजबूत, आधुनिक और पारदर्शी बनाना है।
नागपुर जिला के बाद यह समिति अब नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर और कोंकण क्षेत्र का दौरा करेगी जिसके बाद 30 सितंबर को संवाद प्रक्रिया पूरी होगी।
अभ्यर्थियों द्वारा दिए गए 5 प्रमुख सुझाव
पारदर्शी परीक्षा ढांचा: परीक्षा का स्तर सुधारा जाए और परीक्षाएं ऑफलाइन आयोजित की जाएं।
नियमित टाइमटेबल : यूपीएससी की तर्ज पर वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी कर उसका सख्ती से पालन हो।
गलतियों का सुधार : प्रश्नपत्रों में त्रुटियों को दूर किया जाए और अंकन की निष्पक्ष प्रणाली अपनाई जाए।
ऑप्टिंग आउट' विकल्प : चयन प्रक्रिया में 'ऑप्टिंग आउट' नीति को स्पष्ट और सुचारु रूप से लागू किया जाए।
90 दिनों में नियुक्ति : अंतिम परिणाम घोषित होने के 90 दिनों के भीतर चयनित उम्मीदवारों को पदस्थापना (नियुक्ति) दी जाए।