Nagpur Vidhan Parishad Election: विधान परिषद के नागपुर जिला निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के उम्मीदवार के कारण भाजपा की निर्विरोध जीत की योजना विफल हो गई। भाजपा नेताओं द्वारा गिरीश व्यास की 2016 की जीत की तरह रास्ता सुगम बनाने की जो कोशिश की गई थी, वह नाकाम रही।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले पहले दिन से ही निर्विरोध जीत का दावा कर रहे थे। कांग्रेस ने नामांकन के लिए 1 घंटा शेष रहते अतुल लोंढे के नाम को मंजूरी दे दी।
उस दिन भी बावनकुले निर्विरोध जीत का आलाप कर रहे थे। हालांकि अब कहा जा रहा है कि यह संभावना धूमिल हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस (शप) के अतुल लोंढे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का आशीर्वाद लिया, इसलिए भाजपा नेताओं ने उनके नाम वापस लेने की आशंका के चलते अपनी कोशिशें छोड़ दी हैं। हालांकि गुरुवार दोपहर 3 बजे के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी लेकिन समझा जा रहा है कि भाजपा ने उम्मीद छोड़ दी है।
कांग्रेस नेताओं द्वारा शहर और जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद भी पार्टी में उथल-पुथल जारी है। बागी दलों के एक समूह ने अध्यक्ष के विरोध में दिल्ली की ओर कूच करने की तैयारी शुरू कर दी है, कांग्रेस ने संगठनात्मक ढांचे के तहत राष्ट्रीय स्तर के निरीक्षक की नियुक्ति और अध्यक्ष तथा अन्य मोचर्चों के प्रमुखों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की।
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पार्टी निरीक्षकों ने स्थानीय नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं सहित विभिन्न पक्षों से बातचीत की और अध्यक्ष पद के लिए पार्टी समिति को उम्मीदवारों के नाम सुझाए। नागपुर में प्रफुल्ल गुडधे को अध्यक्ष नियुक्त किया गया। अध्यक्ष के रूप में उनके नाम की घोषणा होने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय सचिव और हरियाणा प्रभारी के पद छोड दिए।