महाराष्ट्र विधान परिषद की 5 सीटों पर नामांकन वापसी की समयसीमा खत्म, चुनावी तस्वीर साफ।
नागपुर ग्रेजुएट सीट पर बीजेपी के अधिकृत उम्मीदवार सुधाकर कोहले के सामने बागी अनिल सोले डटे।
गिरीश व्यास ने बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा देकर अनिल सोले को समर्थन दिया।
पुणे शिक्षक सीट पर शिंदे गुट के मंगेश चिवटे ने नामांकन वापस लिया, महायुति में टकराव टला।
Maharashtra MLC Election Candidates: महाराष्ट्र में विधान परिषद की 5 सीटों के लिए हो रहे चुनाव में नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन शुक्रवार को समाप्त हो गया। नागपुर बीजेपी में बगावत कायम है। नागपुर ग्रेजुएट सीट पर बीजेपी के बागी उम्मीदवार अनिल सोले डटे हुए हैं। हालांकि उन्हें नाम वापस लेने के लिए मनाने की काफी कोशिश की गई लेकिन वे नॉट रिचेबल हो गए हैं।
नागपुर संभाग के ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा ने सुधाकर कोहले को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया है। ऐसे में अब इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला तय माना जा रहा है। कांग्रेस ने एक बार फिर अभिजीत वंजारी को मैदान में उतारा है।
जनसंघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बच्छराज व्यास के पुत्र गिरीश व्यास ने भाजपा के प्राथमिक सदस्य और अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने नागपुर स्नातक चुनाव में बीजेपी के बागी उम्मीदवार अनिल सोले को अपना समर्थन देने की घोषणा की है।
उन्होंने महल इलाके में सोले के चुनाव प्रचार के लिए कार्यालय भी शुरू कर दिया है। इस वजह से बीजेपी को नागपुर में बड़ा झटका लगा है।
पुणे शिक्षक सीट पर एकनाथ शिंदे को झुकना पड़ा। इस सीट से शिंदे गुट के उम्मीदवार मंगेश चिवटे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इस वजह से पुणे में महायुति के बीच अंदरूनी लड़ाई टल गई। बीजेपी ने पुणे शिक्षक सीट से कौस्तुभगावड़े को अपना उम्मीदवार बनाया है।
इसके अलावा पुणे स्नातक सीट से राकां सुनेत्रा पवार गुट के बागी भैया माने ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया। इस सीट से बीजेपी ने स्मिता जाधव को अपना उम्मीदवार बनाया है। ऐसी रिपोर्ट है कि माने ने मेडिकल एजुकेशन मिनिस्टर हसन मुश्रीफ, जनसुराज्य शक्ति पार्टी के लीडर विनय कोरे और समित कदम की रिक्वेस्ट के बाद नाम वापस ले लिया।
महाराष्ट्र विधान परिषद की 5 सीटों के लिए होने चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है। इनमें पुणे टीचर्स सीट के अलावा पुणे, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर की ग्रेजुएट्स सीट व अमरावती टीचर्स सीट शामिल है। शुकवार को इन सभी पांच सीटों के लिए नॉमिनेशन वापस लेने का आखिरी दिन था।
जिन सीटों पर बगावत हुई थी, उनमें से कुछ ने अपने नॉमिनेशन वापस ले लिए, जबकि कुछ जगहों पर बागी अपने नॉमिनेशन पर कायम हैं, जिससे महाविकास अघाड़ी और महायुति के ऑफिशियल कैंडिडेट के बीच टेशन बढ़ने की संभावना है। अब जब नॉमिनेशन वापस लेने की डेडलाइन खत्म हो गई है तो चुनाव की तस्वीर साफ हो गई है।