Lalit Yadav Odisha transfer: घरेलू क्रिकेट में कभी-कभी ऐसी कहानियां भी बनती हैं जिनमें शुरुआत और नया अध्याय एक ही टीम से जुड़ जाता है। विदर्भ के अनुभवी तेज गेंदबाज ललित मनोहर यादव के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। 6 सितंबर 2016 को उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी (रणजी) करियर की शुरुआत विदर्भ की ओर से ओडिशा के खिलाफ की थी।
लगभग एक दशक बाद अब वही ललित नए घरेलू सत्र में ओडिशा का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह बदलाव केवल टीम बदलने की कहानी नहीं बल्कि उनके क्रिकेट करियर के एक नए दौर की शुरुआत भी माना जा रहा है।
यवतमाल के ललित यादव लंबे समय तक विदर्भ के तेज आक्रमण का हिस्सा रहे। शुरुआती वर्षों में उन्होंने लगातार नई गेंद से प्रभाव छोड़ा और कई बार मुश्किल परिस्थितियों में टीम को सफलता दिलाई। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 31 मैचों में 80 विकेट लिए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 7/56 रहा है। गेंदबाजी औसत 28.82 और इकोनॉमी 3.14 रही जो उनकी निरंतरता को दर्शाती है।
बल्लेबाजी में उन्होंने 282 रन भी बनाए, ललित मनोहर यादव ने केवल लाल गेंद तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने विदर्भ के लिए 8 लिस्ट 'ए' मुकाबलों में 6 विकेट और 10 टी-20 मैचों में 7 विकेट भी लिए। सीमित ओवरों में भले ही उनके आंकड़े बहुत बड़े नहीं रहे लेकिन टीम प्रबंधन ने उन्हें हमेशा उपयोगी तेज गेंदबाज के रूप में देखा।
हालांकि पिछले कुछ वर्षों में विदर्भ की तेज गेंदबाजी में यश ठाकुर, दर्शन नलकांडे, नचिकेत भुते और अन्य गेंदबाजों के उभरने से प्रतिस्पर्धा बढ़ी, पिछले रणजी सत्र में भी ललित को नियमित अवसर नहीं मिले। ऐसे में अधिक मैच और नई भूमिका की तलाश उन्हें ओडिशा ले गई, दिलचस्प संयोग यह है कि 2016 में जिस ओडिशा के खिलाफ उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट का पहला मैच खेला था, अब उसी टीम की जर्सी पहनकर वे मैदान में उत्तरेंगे।
घरेलू क्रिकेट में ऐसे संयोग कम ही देखने को मिलते हैं। यदि ललित ओडिशा के लिए अपनी पुरानी लय हासिल कर लेते हैं तो यह स्थानांतरण उनके करियर को नई दिशा दे सकता है।
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विदर्भ के अनुभवी तेज गेंदबाज रजनीश गुरबानी आगामी घरेलू सत्र में एक बार फिर विदर्भ की ओर से खेलेंगे। गुरबानी इससे पहले महाराष्ट्र के लिए घरेलू क्रिकेट खेल रहे थे।
2017-18 रणजी ट्रॉफी फाइनल में दिल्ली के खिलाफ उनकी 8 विकेट (मैच में) की ऐतिहासिक गेंदबाजी ने विदर्भ को पहली बार रणजी चैम्पियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। अनुभवी गुरबानी की वापसी से विदर्भ के तेज गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिलने की उम्मीद है।