Highlights
कोराडी में नवरात्र महोत्सव के दौरान 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान।
मंदिर में आरती के समय को छोड़कर 24 घंटे दर्शन की व्यवस्था।
सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अपेक्षाकृत कम भीड़ में दर्शन करने की अपील।
7,500 अखंड मनोकामना ज्योतियों का शाम 5 बजे सामूहिक प्रज्वलन।
स्वयंभू दर्शन के लिए चार किलोमीटर से अधिक लंबी कतार लगने की संभावना।
Koradi Mahalakshmi Jagdamba Navratri Festival: श्री महालक्ष्मी जगदंबा संस्थान, कोराडी में श्री महालक्ष्मी जगदंबा के अश्विन नवरात्र महोत्सव का आज से प्रारंभ हो रहा है। नवरात्र उत्सव में 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा दर्शन करने का अनुमान है।
जिसके मद्देनजर मंदिर संस्थान, कोराडी ग्राम पंचायत, महादुला नगर पंचायत, पुलिस प्रशासन, यातायात पुलिस, स्टार बस सेवा, महानिर्मिती, स्वास्थ्य विभाग और महावितरण की ओर से लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
श्रद्धालुओं को दर्शन अधिक सुगम, आनंदमय और उत्साहपूर्ण माहौल में मिल सके, इस दिशा में मंदिर संस्थान के साथ स्थानीय स्वयंसेवक भी कार्य कर रहे हैं।
कोराडी के मेले की स्थिति को देखते हुए, यहाँ हर दिन शाम सात बजे से लेकर रात भर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। एक ही समय होने वाली इस भीड़ के कारण व्यवस्था पर तनाव आता है और श्रद्धालुओं को भी लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है।
जिन श्रद्धालुओं के लिए संभव हो, वे यथासंभव दिन के समय ही दर्शन करने का प्रयास करें। सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक श्रद्धालुओं की भीड़ कम होती है, इसलिए संस्थान की ओर से इस समय दर्शन करने का प्रयास करने की अपील की गई है।
श्री महालक्ष्मी जगदंबा मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए मंदिर आरती के समय को छोड़कर 24 घंटे दर्शन के लिए खुला रहेगा। दर्शन कतार में पानी, दवाइयां और वृद्ध व्यक्तियों के लिए व्हीलचेयर आदि की सुविधाएं देकर दर्शन को सुगम बनाने के लिए जाखापुर सेवा संघ की ओर से 251 सेवाधारी सेवा के लिए तैयार हैं। मंदिर में माता के दर्शन क्षेत्र में सोने की परत चढ़ा हुआ।
एक भव्य ध्वजस्तंभस्थापित किया गया है। फूलों और रंगोली से आकर्षक रंगछटा बिखेरकर तथा बोलते चित्र सजीव पेंटिंग्स रेखांकित कर कलाकारों ने श्रद्धालुओं के दर्शन को और अधिक आनंदमय बनाने का प्रयास किया है।
शाम पांच बजे अखंड मनोकामना ज्योति का प्रज्वलन होगा। इस वर्ष संस्थान की ओर से साढ़े सात हजार अखंड मनोकामना ज्योतियों का सामूहिक प्रज्वलन किया जाएगा। शाम पांच बजे होने वाले इस सामूहिक प्रज्वलन में पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
इस वर्ष दर्शन की कतार में बदलाव किया गया है, जिसके तहत 100 मीटर की दूरी से ही माता के मुखदर्शन हो सकेंगे। इस प्रकार की कतार तैयार की गई है। श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर अत्यंत आनंददायी साबित होगा। यह अवसर केवल साधारण श्रद्धालुओं के लिए ही उपलब्ध है, विशिष्ट अतिथियों और अति महत्वपूर्ण व्यक्तियों के लिए दर्शन की व्यवस्था अन्य मार्ग से की गई है। यातायात व्यवस्था हर वर्ष की तरह ही रहेगी।
बड़े वाहनों को नादा कोराडी मार्ग से प्रवेश दिया जाएगा, अन्य दुपहिया वाहनों को महादुला टी-पॉइंट पर स्थित मुख्य द्वार से ही प्रवेश मिलेगा। श्रद्धालुओं के लिए प्रति श्रद्धालु 100 रुपये का विशेष दान देकर अतिथि पास की व्यवस्था की गई है। वहीं, अति महत्वपूर्ण व्यक्तियों के लिए एक विशिष्ट प्रवेश द्वार से प्रवेश दिया जाएगा।
संपूर्ण परिसर पर सीसीटीवी कैमरों की नजर है। मंदिर परिसर की हरियाली श्रद्धालुओं को आनंद दे रही है। महादुला टी-पॉइंट से दाहिनी दिशा में बड़े पैमाने पर हरियाली विकसित की गई है, नवरात्र उत्सव के दौरान सुबह श्रृंगार आरती, दोपहर में भोग आरती और शाम को संध्या आरती होगी।
आज सुबह तड़के चार बजे अभिषेक और श्रृंगार आरती के साथ नवरात्र उत्सव की शुरुआत होगी, श्रद्धालुओं के लिए माता का स्वयंभू दर्शन सुबह बार बजे से दस बजे तक उपलब्ध रहेगा। श्री महालक्ष्मी जगदंबा जिस साक्षात स्वरूप में प्रकट हुई थीं, उस साक्षात मूर्ति का दर्शन ही स्वयंभू दर्शन है।
साल में दो बार श्रद्धालुओं को इस स्वयंभू दर्शन का अवसर मिलता है। सुबह दस बजे घटस्थापना होगी। स्वयंभू दर्शन की कतारे चार किलोमीटर से भी अधिक लंबी होती है। इस अवसर पर मुख्य रूप से पालक मंत्री और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले उपस्थित रहेंगे। साथ ही संस्थान के सभी पदाधिकारी और ट्रस्टी (विश्वस्त) भी उपस्थित रहेंगे।