Nagpur kidney liver transplant waiting list: बदलती जीवनशैली और उससे जुड़ीं बीमारियों के कारण किडनी फेल होने के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके चलते किडनी के साथ-साथ लिवर प्रत्यारोपण के लिए प्रतीक्षा सूची भी लंबी होती जा रही है।
नागपुर के विभागीय अंगदान समन्वय केंद्र में वर्तमान में 1,526 मरीज अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इनमें 1,253 मरीजों को किडनी जबकि 273 मरीजों को लिवर की जरूरत है।
अंग प्रत्यारोपण के लिए मरीजों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। इसी के मद्देनजर विभागीय स्तर पर अंग प्रत्यारोपण के लिए मरीजों का पंजीयन किया जाता है। इसके अलावा राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर भी प्रतीक्षा सूची तैयार की जाती है। नागपुर के विभागीय अंगदान समन्वय केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में मरीज किडनी और लिवर मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
राज्य में हर वर्ष क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। महाराष्ट्र के वर्ष 2024-25 के बजट में भी इस समस्या का उल्लेख किया गया था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में प्रतिदिन औसतन 17 लोग इस बीमारी से प्रभावित हो रहे थे। वहीं मार्च से दिसंबर 2025 के 9 महीनों में यह संख्या बढ़कर प्रतिदिन 28 तक पहुंच गई।
नागपुर में अंगदान की मुहिम को वर्ष 2013 में गति मिली। 13 वर्षों में 200 ब्रेन डेड मरीजों के अंगदान हुए हैं। इन अंगदान के माध्यम से 400 से अधिक लोगों को नया जीवन मिलने का अवसर मिला। पिछले 6 महीनों में 15 ब्रेन डेड मरीजों का अंगदान हुआ।
भारत में अंगदान का प्रतिशत बेहद कम है। अंगदान की मुहिम को गति देने के लिए जन जागरण के साथ विशेष उपायों की आवश्यकता है। यदि किसी अस्पताल में किसी मरीज को ब्रेन डेड घोषित किया जाता है तो इसकी जानकारी विभागीय अंगदान समिति को देना अनिवार्य किया जाना चाहिए।
इससे छोटे अस्पतालों और नर्सिंग होम से भी ब्रेन डेड मरीजों की जानकारी समय पर मिल सकेगी और अधिक अंग उपलब्ध होने में मदद मिलेगी।
-विभागीय अंगदान समन्वय समिति अध्यक्ष, डॉ. मनीष श्रीगिरीवार