Kalyaneshwar Temple Development Nagpur: महल स्थित करीब 400 वर्ष पुराने ऐतिहासिक कल्याणेश्वर मंदिर के विकास का रास्ता अब साफ होता दिखाई दे रहा है। मुंबई के सह्याद्री अतिथि गृह में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मंदिर के विकास प्रारूप (डेवलपमेंट प्लान) को मंजूरी दे दी गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की।
भोसलेकालीन सीनियर और जूनियर भोसले पैलेस के समीप स्थित यह मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। प्रस्तावित विकास योजना के तहत मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार के साथ श्रद्धालुओं और नागरिकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की तैयारी है।
बैठक में विधान परिषद सदस्य प्रवीण दटके ने मंदिर के समग्र विकास का मुद्दा रखा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मंदिर के विकास के लिए शासन से सिफारिश कर चुके हैं।
मंदिर के विकास के लिए प्रारंभिक तौर पर 78.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया था। हालांकि, दटके ने मुख्य शिखर के निर्माण और आधुनिक एलिवेटेड पार्किंग व्यवस्था को भी योजना में शामिल करने के लिए 100 करोड़ रुपये का कोष उपलब्ध कराने की मांग रखी।
उनके अनुसार, एलिवेटेड पार्किंग बनने से महल क्षेत्र में वाहनों की पार्किंग क्षमता बढ़ेगी और यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद और पर्यटन विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
भव्य पार्किंग व्यवस्था: महल क्षेत्र की यातायात और पार्किंग समस्या को देखते हुए ग्राउंड के साथ एलिवेटेड पार्किंग विकसित की जाएगी।
मंदिर का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण: मुख्य शिखर के साथ गणेश मंदिर, महादेव मंदिर और हनुमान मंदिर परिसर का विकास और सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
बहुउद्देशीय सभागार: धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए आधुनिक सभागार का निर्माण प्रस्तावित है।
आधुनिक सुविधाएं: श्रद्धालुओं और नागरिकों के लिए अत्याधुनिक वेधशाला और योगशाला विकसित करने की योजना है।
पर्यावरण संरक्षण: जल संरक्षण के लिए रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किया जाएगा।
नागरिक सुविधाओं में सुधार: आधुनिक विद्युतीकरण, स्वच्छ शौचालय और आकर्षक लैंडस्केपिंग जैसी सुविधाएं भी विकास योजना का हिस्सा होंगी।
अगर 100 करोड़ रुपये के प्रस्तावित फंड को मंजूरी मिलती है, तो करीब चार शताब्दी पुराने कल्याणेश्वर मंदिर का धार्मिक महत्व बरकरार रखते हुए इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।