कलमेश्वर औद्योगिक क्षेत्र (सोर्सः सोशल मीडिया)
नागपुर

कलमेश्वर MIDC में उद्योगों के पलायन पर रोक की मांग, विधायक राजीव पोतदार से शासन स्तर पर पहल का आग्रह

Investment In Kalmeshwar MIDC: कलमेश्वर MIDC में उद्योगों के विकास, नए निवेश और स्थानीय रोजगार बढ़ाने के लिए सुविधाएं बढ़ाने तथा करों और शुल्क में राहत देने की मांग की गई है।

आंचल लोखंडे

Kalmeshwar Industrial Area: MIDC में उद्योगों के विकास, मौजूदा उद्योगों को बनाए रखने तथा नए उद्योगों को आकर्षित करने के लिए शासन स्तर पर ठोस उपाय किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। इस संबंध में विधायक राजीव पोतदार से आग्रह किया गया कि वे शासन एवं संबंधित विभागों के समक्ष कलमेश्वर एमआईडीसी की समस्याओं को प्रभावी ढंग से रखें।

170 भूखंड आवंटित, 110 इकाइयां कार्यरत

उद्योगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही करों में राहत देने तथा औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए उचित कदम उठाने की मांग की गई है। इस दौरान धनंजय जोशी, अमर मोहिटे, दिलीप गजभिये एवं मोहन सौदागर उपस्थित थे।

उपलब्ध सरकारी जिला निर्यात कार्ययोजना के अनुसार, कलमेश्वर औद्योगिक क्षेत्र में 170 औद्योगिक इकाइयों को भूखंड आवंटित किए गए हैं, जिनमें 110 इकाइयां कार्यरत बताई गई हैं। हालांकि, यह आंकड़ा पुराने सरकारी दस्तावेजों पर आधारित है। अक्टूबर 2026 की वास्तविक स्थिति जानने के लिए एमआईडीसी से ताजा आंकड़े प्राप्त करना आवश्यक बताया गया है।

शुल्क में राहत देने की मांग

उद्योगों के विकास और नए निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों को विभिन्न करों एवं शुल्क में राहत देने की मांग की गई है। साथ ही बिजली दरों में सुविधा तथा अन्य प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर शासन स्तर पर विचार करने का आग्रह किया गया। विधायक राजीव पोतदार के माध्यम से राज्य शासन और एमआईडीसी प्रशासन के समक्ष कलमेश्वर के औद्योगिक विकास का मुद्दा उठाने की मांग की गई है।

रोजगार बढ़ाने की बताई आवश्यकता

मांगकर्ताओं ने कहा कि वर्तमान में कितने उद्योग संचालित हैं, कितने बंद हो चुके हैं और कितने उद्योग अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हुए हैं, इसकी विस्तृत जानकारी लेकर समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। एमआईडीसी में उद्योगों के पलायन पर रोक लगाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार व व्यापार के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता जताई गई।

स्थापित उद्योग दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों की ओर स्थानांतरित होते है अथवा उत्पादन बंद करते हैं, तो इसका सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है, इसलिए उद्योगों के पलायन के वास्तविक कारणों का पता लगाकर उनके निराकरण की मांग की गई। उद्योगों को सड़क, पानी, बिजली, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, परिवहन सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई।

सरकार से समय रहते पहल करने की मांग

एमआईडीसी में फार्मास्युटिकल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों की संभावनाओं को देखते हुए क्षेत्र को 'फार्मा हब के रूप में विकसित करने पर विचार करने की मांग की गई, इसके साथ ही कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, संतरा प्रसंस्करण तथा मेडिकल उपकरण निर्माण जैसे क्षेत्रों में नए निवेश को प्रोत्साहन देने की बात रखी गई। उद्योगों की उत्पादन लागत कम करने तथा नए निवेशकों को आकर्षित करने के लिए उपलब्ध औद्योगिक नीति के तहत विभिन्न करों एवं शुल्कों में राहत देने, बिजली दरों में सुविधाएं उपलब्ध कराने सहित अन्य आवश्यक उपाय करने की मांग भी की गई।

साथ ही नए उद्योगों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने की आवश्यकता जताई गई। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने तथा क्षेत्र के व्यापार को गति मिलने की उम्मीद व्यक्त की गई। धनंजय जोशी, अमर मोहिटे, दिलीप गाजभिये और मोहन सौदागर ने विधायक पोतदार से इस दिशा में शासन स्तर पर पहल करने की मांग की।

नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट, 8 साल पुराने केस में कोर्ट की बड़ी कार्रवाई

Amit Shah Bhopal Visit: गोपालक सम्मेलन से डेयरी परियोजनाओं तक, जानें 3 अक्टूबर का पूरा कार्यक्रम

आज से तमिलनाडु में महिलाओं और बालिकाओं के लिए ‘विक्ट्री जर्नी स्कीम’, मुख्यमंत्री विजय का ये है नया ऐलान

INDIA Bloc Protest: आज से सेव डेमोक्रेसी आंदोलन की शुरुआत, दिल्ली में ये 11 मेट्रो स्टेशन रहेंगे बंद

No UPI Day: इसलिए व्यापारियों ने रद्द की है हड़ताल, जानिए निर्मला सीतारमण ने बैठक में क्या दिया आश्वासन