

Food processing industry: देश ने खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के बाद अब कृषि उपज के मूल्यवर्धन और प्रसंस्करण पर तेजी से ध्यान देने की जरूरत है। हर खेत के पास खाद्य प्रसंस्करण की सुविधा उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य है। आने वाले समय में देश की आर्थिक समृद्धि और रोजगार सृजन में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह बात केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने ठाणे में आयोजित ‘एक दीया आशीर्वाद का’ कार्यक्रम में कही।
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की ओर से पीएम मोदी के जन्मदिन पर सेवा संकल्प अभियान और सेवा दिवस के तहत ठाणे जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में चिराग पासवान ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में हमें लंबा रास्ता तय करना है। इसमें महाराष्ट्र की भूमिका महत्वपूर्ण है,क्योंकि यहां फल,सब्जी,खाद्यान्न से लेकर समुद्री खाद्य प्रसंस्करण की असीम संभावना है।
चिराग पासवान ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत कृषि रही है। आज देश में अनाज की कमी नहीं है, बल्कि भारत अपनी कृषि उपज का निर्यात भी कर रहा है। “हमने उत्पादन पर ध्यान दिया, अब प्रोसेसिंग और वैल्यू चेन को मजबूत करने पर जोर देना होगा।” किसान की उपज खेत से बाजार तक पहुंचने के बीच कई स्तरों से गुजरती है। यदि इसी प्रक्रिया में स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को जोड़ा जाए तो किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों की आय के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
चिराग पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जोर केवल लाभार्थी बनाने पर नहीं, बल्कि लोगों को ‘जॉब क्रिएटर’ बनाने पर है। वे भारत को 'ग्लोबल फूड बास्केट' बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि देश में गांव-गांव और घर-घर स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण की परंपरा पहले से मौजूद है। अब इसी पारंपरिक क्षमता को आधुनिक तकनीक, बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने की आवश्यकता है। किसानों के साथ-साथ किसान उत्पादक संगठन (FPO), महिला स्वयं सहायता समूह और उद्यमिता से जुड़े युवा इस बदलाव के महत्वपूर्ण भागीदार बन सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में गुणवत्ता और मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्पाद तैयार करना ही पर्याप्त नहीं है। यदि कोई उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता और मानकों को पूरा नहीं करता, तो वह वैश्विक बाजार में टिक नहीं पाएगा। इसलिए स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक ले जाने के लिए गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मानकीकरण पर विशेष ध्यान देना होगा।
चिराग पासवान ने ठाणे जिले में मिलेट आधारित खाद्य उत्पादों के लिए मौजूद संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कृषि उत्पादों की पहचान कर उनके प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और बाजार विस्तार की दिशा में काम करने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग योजना (PMFME) के तहत हुई प्रगति की जानकारी भी दी गई। राज्य में व्यक्तिगत, समूह और साझा बुनियादी सुविधा परियोजनाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को सहायता दी गई है। केंद्र सरकार के अनुसार PMFME के तहत देश में दो लाख से अधिक सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने PMFME, PLI और PMKSY योजनाओं के लाभार्थियों से सीधा संवाद किया और उनकी सफलता की कहानियां जानीं। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से बड़े बाजारों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जोड़कर उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा सकता है। कृषि से जुड़े युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाने की दिशा में काम करना होगा।
केंद्रीय मंत्री के रूप में पहली बार ठाणे आए चिराग पासवान का स्वागत ठाणे के सांसद नरेश म्हस्के एवं जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल, डिप्टी मेयर कृष्णा पाटिल ने किया। कार्यक्रम में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सहसचिव प्रीतपाल सिंह, संचालक रमणदीप चौधरी, ठाणे के जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल, जिला परिषद के सीईओ रणजीत यादव, महाराष्ट्र के कृषि प्रक्रिया एवं नियोजन संचालक विनयकुमार आवटे, कोंकण के विभागीय कृषि सहसंचालक बालाजी ताटे, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी रामेश्वर पाचे सहित किसान, FPO प्रतिनिधि, महिला स्वयं सहायता समूह, सूक्ष्म उद्यमी और लाभार्थी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. तरुलता धानके ने किया। सहसचिव प्रीतपाल सिंह ने प्रस्तावना में कृषि प्रसंस्करण और संबंधित योजनाओं की जानकारी दी। समापन पर कोंकण विभाग के विभागीय कृषि सहसंचालक बालाजी ताटे ने आभार व्यक्त किया।