Nagpur Traffic Jam Inflation Protest: नागपुर में बढ़ती कमरतोड़ महंगाई और बढ़ती आपराधिक घटनाओं के खिलाफ विदर्भ राज्य आंदोलन समिति ने रास्ता रोको आंदोलन किया। तनाव की स्थिति बनते देख पुलिस ने 17 आंदोलनकारियों को गिरफ्तार किया। युवा आघाड़ी के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश मासुरकर के नेतृत्व में गणेशपेठ बस स्टैंड के सामने आंदोलनकारियों ने रास्ता जाम कर दिया।
बस स्टैंड के दोनों ओर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने जब हटाने का प्रयास किया तो आंदोलनकारियों के साथ धक्कामुक्की शुरू हो गई। तब पुलिस ने एक-एक कर उन्हें गिरफ्तार करना शुरू किया और 17 को अरेस्ट कर लिया गया।
2 घंटों तक आपाधापी चलती रही जिससे पूरे इलाके का यातायात ठप सा हो गया था। जमकर लगे नारे आंदोलनकारियों का कहना था कि केंद्र और राज्य सरकार की गलत नीतियों के कारण आवश्यक वस्तुओं, ईंधन तथा घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। महंगाई चरम पर पहुंच गई है जिससे आम लोगों का जीवन कठिन हो गया है।
वहीं राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार नागपुर शहर देश में अपराध के मामले में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है जो विदर्भ और नागपुरवासियों के लिए अत्यंत चिंता और पीड़ा का विषय है। इसी के विरोध में विराआंस द्वारा उग्र 'रास्ता रोको' आंदोलन किया गया।
आंदोलन शुरू होने से पहले समिति के कार्यकर्ताओं ने गणेशपेठ बस स्टैंड के सामने धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जनता की रक्षा न कर सकने वाली सरकार और प्रशासन मुर्दाबाद, यह महंगाई, यह कालाबाजारी सरकार की नाकामी है, गुन्हेगारीमुक्त नागपुर बनना ही चाहिए... जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
जिन 17 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया उनमें मुकेश मासुरकर, शहर अध्यक्ष नरेश निमजे, महिला अध्यक्ष ज्योति खांडेकर, युवा आघाड़ी शहर अध्यक्ष गिरीश तितरमारे, जया चातुरकर, माधुरी चौहान, हरिभाऊ पानबुडे, कांचन करांगले, बंद्रशेखर पुरी, भरत बाविस्टाले, रहमान शेख, सुनील खंडेलवाल, तारेश दुरुगकर, मनीषा पुरी, लता अवजेकर, नीलकंठराव अंभोरे और विलास सूर्यवंशी शामिल थे।
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मासुर ने कहा कि नागपुर का अपराध के मामले में देश में दूसरे स्थान पर पहुंचना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में असफल रही है। चेतावनी दी कि यदि सरकार महंगाई पर नियंत्रण नहीं करती तो तीव्र और उग्र आंदोलन किए जाएंगे। आंदोलन में राहुल बंसीड, श्याम अवथडे, वसंतराव वैद्य, विठ्ठलराव मानकर, अक्षय लाड, रामखिलावन बैरागी, संजय चौधरी, असरफ अली, शालिनी खडसे, रामेश्वर मोहबे, अमोल रडके सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।