Indora Dighori Flyover Opening Date: इंदौरा-दिघोरी फ्लाईओवर के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे नागपुरवासियों के लिए राहत की खबर है। करीब 998 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा शहर का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट आगामी 15 सितंबर के आसपास यातायात के लिए खोले जाने की संभावना है। हालांकि अभी आधिकारिक उद्घाटन की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के सूत्रों के अनुसार गणेशोत्सव के दौरान इसे शुरू करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
पिछले एक साल में फ्लाईओवर को शुरू करने की कई तारीखें सामने आईं, लेकिन निर्माण कार्य में अलग-अलग अड़चनों के कारण हर बार समयसीमा आगे बढ़ती गई। पहले 30 जून और फिर 1 अगस्त तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। अब 15 सितंबर की नई डेडलाइन सामने आने के बाद शहरवासियों की नजर इस तारीख पर टिक गई है।
इंदौरा-दिघोरी एलिवेटेड कॉरिडोर शहर की सबसे बड़ी सड़क परियोजनाओं में शामिल है। इसके शुरू होने से शहर के कई प्रमुख और व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है। लाखों लोगों को रोजाना होने वाली ट्रैफिक की परेशानी से राहत मिल सकती है।
फ्लाईओवर के उद्घाटन के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि कार्यक्रम और तारीख को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
पूरी परियोजना को दो प्रमुख एलिवेटेड कॉरिडोर में बांटा गया है। दोनों कॉरिडोर शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों को जोड़ते हैं।
पहला कॉरिडोर कमाल चौक से शुरू होकर गोलीबार चौक, लाल इमली चौक, अग्रसेन चौक, गांधी गेट और अशोक चौक होते हुए रेशिमबाग स्क्वायर तक जाता है। यह शहर के अत्यधिक व्यस्त हिस्सों से गुजरता है।
इस कॉरिडोर में मौजूदा सक्करदरा फ्लाईओवर के ऊपर से एलिवेटेड रोड गुजरता है। पुराने सक्करदरा फ्लाईओवर को परियोजना में बरकरार रखा गया है।
दूसरा कॉरिडोर भांडे प्लॉट चौक से शुरू होकर उमरेड रोड पर दिघोरी नाका के आगे तक जाता है। यह हिस्सा पिछले करीब एक महीने से पूरी तरह तैयार बताया जा रहा है, लेकिन आधिकारिक उद्घाटन के इंतजार में इसे यातायात के लिए शुरू नहीं किया गया था।
NHAI के अनुसार फ्लाईओवर का मुख्य निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है। डागा अस्पताल के पास अप और डाउन रैंप का काम सितंबर के दूसरे सप्ताह तक पूरा होने की उम्मीद है।
वहीं पांचपावली में रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर हाल ही में लगाए गए ओपन-वेब गर्डर की क्यूरिंग यानी तराई का काम चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद मुख्य कॉरिडोर को यातायात के लिए शुरू करने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।
मुख्य फ्लाईओवर शुरू होने के बावजूद पूरी परियोजना का काम उसी समय पूरी तरह समाप्त नहीं होगा। पांचपावली रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर प्रस्तावित दो रोड अंडर ब्रिज (RUB) का निर्माण मुख्य फ्लाईओवर चालू होने के बाद किया जाएगा।
इसका मतलब यह है कि एलिवेटेड कॉरिडोर शुरू होने से शहरवासियों को तत्काल ट्रैफिक राहत मिल सकती है, लेकिन परियोजना के सभी हिस्सों को पूरा होने में अभी कुछ और समय लगेगा।
फ्लाईओवर के निर्माण के कारण आसपास के कई इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसका असर स्थानीय दुकानदारों के कारोबार पर भी पड़ा है। कई व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में ग्राहकों की आवाजाही कम होने से दुकानदारी प्रभावित हुई।
अब फ्लाईओवर शुरू होने के बाद ट्रैफिक व्यवस्था सामान्य होने और बाजारों में लोगों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में परियोजना सिर्फ वाहन चालकों के लिए ही नहीं, बल्कि सड़क किनारे कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए भी राहत लेकर आ सकती है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 15 सितंबर की तारीख इस बार सच साबित होगी, या शहरवासियों को एक बार फिर नई तारीख का इंतजार करना पड़ेगा?