हाई कोर्ट (फाइल फोटो) 
नागपुर

पेंच टाइगर रिजर्व में 'म्यूजिक फेस्टिवल' पर हाई कोर्ट का हंटर! केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब

High Court Nagpur Pench Tiger Reserve: पेंच टाइगर रिजर्व के कोलितमारा में संगीत महोत्सव पर हाई कोर्ट सख्त! केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस। वन्यजीव संरक्षण बनाम पर्यटन के विवाद पर स्वयं संज्ञान।

प्रिया जैस

Kolitmara Music Festival Controversy: पेंच टाइगर रिजर्व में पिछले 3-4 वर्षों से बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष और प्रशासन द्वारा सुरक्षा की बजाय पर्यटन को बढ़ावा देने पर हाई कोर्ट की ओर से गंभीर चिंता जताते हुए इस संदर्भ में समाचार पत्र प्रकाशित खबरों पर स्वयं संज्ञान लिया गया।

अदालत मित्र को दिए गए आदेश के अनुसार मंगलवार को हाई कोर्ट के विचारार्थ जनहित याचिका प्रस्तुत की गई जिस पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश अनिल किल्लोर और न्यायाधीश राज वाकोडे ने केंद्र सरकार के वन व पर्यावरण मंत्रालय, राज्य सरकार के वन व पर्यावरण मंत्रालय, पीसीसीएफ, पेंच के डायरेक्टर, एनटीसीए, वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो आदि को नोटिस जारी कर जवाब दायर करने के आदेश दिए।

कोर्ट का मानना था कि पेंच टाइगर रिजर्व के आसपास बाघों के हमलों में स्थानीय लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। हालांकि इन घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठाने की बजाय पेंच प्रशासन का पूरा ध्यान रोजगार के नाम पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने पर केंद्रित है।

संगीत महोत्सव पर छिड़ा था विवाद

समाचार पत्रों में छपी खबर का हवाला देते हुए अदालत का मानना था कि हाल ही में टाइगर रिजर्व के कोलितमारा इको-सेंसिटिव जोन में एक संगीत महोत्सव आयोजित किया जा रहा था। हालांकि मीडिया में इस खबर के आने और विवाद बढ़ने के बाद इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया। कोर्ट ने माना कि यह मुद्दा सार्वजनिक महत्व का है और वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों की सुरक्षा से जुड़ा है। वन्यजीव रक्षकों का मानना है कि कोलितमारा में पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, जो एक सकारात्मक बात है। हालांकि, उनका जोर इस बात पर है कि पर्यटन ‘सतत’ (Sustainable) होना चाहिए और नियमों का कड़ाई से पालन होना चाहिए, ताकि वन्यजीवों को कोई परेशानी या बाधा न हो।

नियमों की अनदेखी

वन्यजीव प्रेमियों का आरोप है कि प्रशासन ने वन्यजीव कानूनों और अन्य नियमों को ताक पर रखकर ध्वनि प्रदूषण को बढ़ावा देने वाले इस कार्यक्रम की अनुमति दी। पेंच प्रशासन द्वारा पिछले कुछ समय से निवारक उपायों की बजाय पर्यटन बढ़ाने पर अधिक जोर दिया जा रहा है जैसे कि कोलितमारा क्षेत्र में साहसिक खेल और जलविहार गतिविधियों की शुरुआत।

‘कोलितमारा संगीत महोत्सव’ का विज्ञापन सोशल मीडिया पर किया गया जिसमें पेंच टाइगर रिजर्व का लोगो इस्तेमाल किया गया। इस कार्यक्रम में सूफी, गजल, पॉप और इंडिपॉप जैसे विभिन्न संगीत प्रकारों के प्रदर्शन के अलावा प्रतिभागियों के लिए जंगल सफारी, बोटिंग, साहसिक गतिविधियां, टेंट में रहने और ‘बॉनफायर नाइट’ की सुविधा दी जा रही थी जिसके लिए प्रति व्यक्ति 1800 रुपये शुल्क रखा गया।

BRICS Summit 2026 LIVE: नई दिल्ली से चीन के लिए रवाना शी जिनपिंग; ब्रिक्स नेताओं के साथ की अहम बैठक

Nandigram Bypoll 2026: क्या नंदीग्राम से फिर चुनाव लड़ेंगी ममता? TMC के नाम और सिंबल पर छिड़ी जंग

अमेरिकी खुफिया एजेंसी की फाइल में नया खुलासा, 9/11 से पहले लादेन के टारगेट पर था भारत

BRICS Summit 2026: फैमिली फोटो के बाद PM नरेंद्र मोदी का बड़ा संदेश, रोजगार से लेकर आपदा प्रबंधन पर की बात

Tamil Nadu: CM विजय का बड़ा आदेश, सरकारी कर्मचारियों को 31 अक्टूबर तक देना होगा संपत्ति और कर्ज का पूरा हिसाब