नागपुर हाई कोर्ट, महाजन प्लाजा,(सोर्स: सोशल मीडिया) 
नागपुर

सीताबर्डी महाजन प्लाजा अवैध निर्माण: नागपुर हाई कोर्ट ने मनपा को दिया 6 हफ्ते में कार्रवाई का अल्टीमेटम

Nagpur High Court: नागपुर HC ने सीताबर्डी के महाजन प्लाजा में कथित अवैध निर्माण के खिलाफ मनपा को 6 सप्ताह के भीतर कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया। मामला कॉमन पैसेज पर कथित अतिक्रमण से जुड़ा है।

अंकिता पटेल

Nagpur High Court NMC Action Mahajan Plaza: नागपुर हाई कोर्ट ने मनपा को सीताबर्डी स्थित महाजन प्लाजा में कथित अवैध निर्माण के खिलाफ चल रही कार्रवाई को 6 सप्ताह के भीतर पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि मनपा की ओर से कई महीनों पूर्व अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया था किंतु कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की थी।

इसे गंभीरता से लेते हुए न्यायाधीश अनिल किलोर और न्यायाधीश राज वाकोडे ने दुकान नंबर 4 के मालिक भारत केजडीवाल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद मनपा को कड़े निर्देश जारी किए। अवैध निर्माण से आम रास्ता हुआ संकरा याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया था कि उनके बगल वाले दुकान मालिक ने अनधिकृत निर्माण किया है।

आरोप के अनुसार, दीवारें और शटर बढ़ाकर आम रास्ते (कॉमन पैसेज) पर कब्जा किया गया है और अन्य दुकानों की छत पर एक अवैध बालकनी भी बना ली गई है, याचिका में बताया गया है कि इस निर्माण के कारण सामान्य रास्ते की चौड़ाई कम हो गई है जिससे दुकानदारों और वहां आने वाले ग्राहकों की आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है।

मनपा आयुक्त को सख्त निर्देश

अदालत ने मनपा आयुक्त को निर्देश दिया है कि वे 20 मार्च के नोटिस से संबंधित कार्रवाई को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाएं। इसके लिए आदेश प्राप्त होने के 6 सप्ताह के भीतर सभी संबंधित पक्षों, विशेष रूप से कथित उल्लंघनकर्ता की सुनवाई पूरी करनी होगी।

इसके साथ ही अदालत ने एनएमसी को यह भी निर्देशित किया है कि वह इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद 2 सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को अपने अंतिम निर्णय से अवगत कराए, याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अश्विन देशपांडे ने पैरवी की।

मनपा की लापरवाही पर टिप्पणी

याचिकाकर्ता ने बताया कि उन्होंने सितंबर और नवंबर 2025 में एनएमसी को शिकायतें सौंपी थीं। इसके चाद नागपुर मनपा ने साइट का निरीक्षण किया और पाया कि निर्माण अनधिकृत प्रतीत होता है। फलस्वरूप 24 नवंबर 2025 और 20 मार्च 2026 को महाराष्ट्र क्षेत्रीय और नगर नियोजन अधिनियम, 1966 की धारा 53 के तहत नोटिस जारी किए गए।

हाई कोर्ट ने सुनवाई में इस बात पर ध्यान दिया कि 20 मार्च के नोटिस में कथित उल्लंघनकर्ता को निर्माण के समर्थन में दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया गया था। अदालत ने कहा कि 3 महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद, एनएमसी ने कोई आगे की कार्रवाई नहीं की है। बिना किसी उचित कारण के मामले को लंबित रखने पर कोर्ट ने आपत्ति जताई।

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