Nagpur Voter List Dispute: नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की आगामी चुनावी प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। निर्वाचन क्षेत्र में बड़ी संख्या में स्नातक मतदाताओं के आवेदन अब तक लंबित होने के बावजूद अंतिम मतदाता सूची जारी करने और चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाने की जल्दबाजी किए जाने का आरोप लगाते हुए कालबांडे की ओर से हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की गई।
गुरुवार को याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश उर्मिला जोशी फालके और न्यायाधीश राज वाकोडे ने याचिका को मुंबई हाई कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया, इसके पूर्व न्यायाधीश अनिल किलोर और न्यायाधीश रजनीश व्यास की अदालत ने 'नॉट बिफोर मी' करते हुए याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था।
याचिका के अनुसार नागपुर विभाग में मतदाता पंजीयन की अंतिम तारीख 26 सितंबर निर्धारित की गई थी। 22 सितंबर तक विभाग में कुल 1,94,404 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 1,59,192 आवेदनों की जांच और पंजीयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।
हालांकि पंजीयन की अंतिम अवधि में आवेदनों की संख्या अचानक काफी बढ़ गई। बताया गया है कि अंतिम 4 दिनों में ही 98,782 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।
जिनकी जांच और पंजीयन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इनमें अकेले नागपुर जिले के 61,371 आवेदन लंबित बताए गए हैं। इतने बड़े पैमाने पर आवेदन लंबित रहने के बावजूद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि ऑनलाइन आवेदनों की जांच और प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रशासन की ओर से केवल 2 लॉगिन आईडी उपलब्ध कराई गई थीं। इस कारण आवेदनों की जांच की गति काफी धीमी रही।
अंतिम दिनों में बड़ी संख्या में आवेदन आने के बाद प्रशासन के सामने उनका समय पर निपटारा करना चुनौती बन गया। याचिका में दावा किया गया है कि ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन आवेदन भी बड़ी संख्या में लंबित रह गए।
नागपुर विभागीय आयुक्त कार्यालय की ओर से अभी अंतिम मतदाता सूची तैयार नहीं होने की जानकारी सामने आई है, दूसरी ओर, 23 अक्टूबर को मतदान निर्धारित है। ऐसे में अंतिम मतदाता सूची तैयार करने, लंबित आवेदनों की जांच करने और पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए पर्याप्त समय को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं।
याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया है कि जब हजारों आवेदन अभी लंबित हैं और अंतिम मतदाता सूची भी तैयार नहीं हुई है तो चुनाव प्रक्रिया को इतनी जल्दबाजी में आगे बढ़ाने की आवश्यकता क्या है? यदि लंबित आवेदनों का निपटारा किए बिना चुनाव कराया गया तो इसका सीधा असर उन स्नातकों के मतदान अधिकार पर पड़ेगा जिन्होंने निर्धारित समय में अपना आवेदन किया है।
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की चुनाव प्रक्रिया में मतदाता सूची का विशेष महत्व है। इस निर्वाचन क्षेत्र में केवल निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले स्नातक ही मतदान कर सकते हैं, इसलिए प्रत्येक पात्र आवेदक के आवेदन की जांच कर उसे मतदाता सूची में शामिल करना चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
याचिका में कहा गया है कि यदि बड़ी संख्या में आवेदन लंबित रहने के बावजूद अंतिम सूची तैयार कर दी जाती है तो इससे न केवल हजारों स्नातकों का मतदान का अधिकार प्रभावित होगा बल्कि चुनाव की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।