

Nagpur Graduate Constituency Election: नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार व निवर्तमान विधायक अभिजीत वंजारी ने जनसंपर्क ही मेरी ताकत, स्नातकों के मुद्दों के लिए संघर्ष जारी रहेगा । आज समाज के हर वर्ग को विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
युवाओं, महिलाओं, किसानों, व्यापारियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के मुद्दों के समाधान के लिए संघर्ष जारी रखना होगा। पिछले छह वर्षों में नागपुर, गोंदिया, भंडारा, चंद्रपुर और गड़चिरोली के लोगों से लगातार संपर्क कर उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया।
जन-जन से संपर्क ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है और आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा। पुरानी पेंशन, रोजगार, छात्रवृत्ति और विकास महामंडलों को पर्याप्त फंड दिलाना मेरी प्राथमिकताओं में शामिल है। यह बात नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार व निवर्तमान विधायक अभिजीत वंजारी ने कही।
नवभारत भवन का दौरा कर अभिजीत वंजारी ने अपने छह वर्ष के कार्यकाल का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने विरोधियों के उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें उनके कार्यकाल में काम नहीं करने की बात कही जा रही है। इस अवसर पर महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के महासचिव अतुल कोटेचा भी उपस्थित थे।
केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए वंजारी ने कहा कि देश का राजनीतिक और सामाजिक माहौल बदल चुका है। लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं और नीट पेपर लीक जैसे मामलों को लेकर युवाओं में आक्रोश है। रोजगार के अवसर घट रहे हैं।
देशभर में करीब 96 हजार स्कूल बंद हो चुके हैं और संचालित स्कूलों की स्थिति भी चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए कर्जमाफी के जटिल नियम और 'लाडली बहन योजना' में बड़ी संख्या में महिलाओं को अपात्र किए जाने से सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ी है।
अभिजीत वंजारी ने दावा किया कि बीजेपी में अंदरूनी गुटबाजी और 'कोल्ड वॉर' चरम पर है। सत्ता में रहने के बावजूद पार्टी बैकफुट पर है, जिसका लाभ चुनाव में कांग्रेस को मिलेगा।
उन्होंने बताया कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं और करियर मार्गदर्शन मेलों के माध्यम से युवाओं को दिशा देने का काम किया गया।
गोविंदराव वंजारी फाउंडेशन के माध्यम से रोजगार मेले आयोजित कर एमएनसी और बड़ी कंपनियों को आमंत्रित किया गया। इससे क्षेत्र के 8 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिला।
उन्होंने कहा कि आरटीई का करीब 2,000 करोड़ और छात्रवृत्ति का 3,200 करोड़ रुपये बकाया है। इसके चलते शैक्षणिक संस्थानों के संचालन पर असर पड़ रहा है। बंद किए गए नॉन-सैलरी ग्रांट को फिर शुरू कराने की मांग भी की जा रही है।
वंजारी के अनुसार स्थानीय निकायों के 2 हजार अनुदानित स्कूल-कॉलेजों को कंप्यूटर, वॉटर फिल्टर और स्मार्ट टीवी जैसी सामग्री उपलब्ध कराई गई।
वहीं नागपुर विभाग की 1,137 सार्वजनिक लाइब्रेरियों में से 300 को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा से संबंधित पुस्तकें उपलब्ध कराई गई। प्रत्येक लाइब्रेरी को 2 लाख रुपये की पुस्तकें दी गई।
उन्होंने बताया कि पिछले छह वर्षों में स्नातकों और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को लेकर विभाग की सभी तहसीलों का दौरा किया गया।
भंडारा जिला और गोंदिया के प्रभारी रहने के बाद अब चंद्रपुर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इस दौरान 3.5 लाख किलोमीटर से अधिक की यात्रा की गई,
उन्होंने दावा किया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता एकजुट हैं और बड़े पैमाने पर मतदाता पंजीकरण होने से चुनाव में कांग्रेस की स्थिति मजबूत है।