Nagpur Division Election Schedule: चुनाव आयोग ने नागपुर संभाग स्नातक चुनाव क्षेत्र में चुनाव की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही विधान परिषद की इस सीट में चिरपरिचित प्रतिद्वंद्वी पार्टी भाजपा व कांग्रेस के बीच मुकाबले की तैयारी भी शुरू हो गई है। इस चुनाव में मतदाता पंजीयन की प्रक्रिया भी नये सिरे से हुई है।
जिस पार्टी ने अधिक मतदाताओं के नामों का पंजीयन करवाया होगा उसकी जीत होने की संभावना है। यह बताते चलें कि वर्ष 1958 से 2020 तक 62 वर्ष इस सीट पर जनसंघ और भाजपा का ही कब्जा रहा। 1978 से यह सीट बीजेपी का पक्का किला बन गई थी लेकिन 2020 के चुनाव में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने यह सीट भाजपा से छीनकर सेंध लगा दी।
अब जब 23 अक्टूबर को मतदान होने वाला है तो भाजपा अपने इस गढ़ पर किसी भी कीमत में दोबारा कब्जा जमाने का प्रयास करेगी। वहीं कांग्रेस किसी भी तरह की चुनौती से निपटते हुए यह सीट खोना नहीं चाहेगी।
नागपुर संभाग स्नातक चुनाव क्षेत्र में वर्ष 2020 के चुनाव में भाजपा ने अपने विप सदस्य अनिल सोले की जगह संदीप जोशी को मैदान में उतारा था। उनके खिलाफ कांग्रेस ने अभिजीत वंजारी को टिकट दी थी। उस समय कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 2,07,000 थी और 1,32,923 वोट पड़े थे।
अपने लिए सुरक्षित समझने वाली भाजपा को यह सीट गंवानी पड़ी क्योंकि उसके उम्मीदवार जोशी को 42,792 वोट मिले जबकि कांग्रेस के वंजारी ने 61,701 वोट हासिल कर 18,910 वोटों के अंतर से उन्हें पराजित कर दिया।
इस चुनाव में कांग्रेस ने फिर अपने सिटिंग सदस्य अभिजीत वंजारी को ही दोबारा मैदान में उतारने की मंशा जताई है। वे महीनों से मतदाता पंजीयन व अपने पक्ष में प्रचार के लिए जुटे हुए हैं। वंजारी ने तो दावा किया है कि इस बार वे कम से कम 25,000 बोटों से जीत हासिल करेंगे।
नागपुर संभाग स्नातक चुनाव क्षेत्र में भाजपा ने अपने पूर्व विधायक सुधाकर कोहले को मतदाता क्षेत्र का मतदाता पंजीयन प्रभारी नियुक्त किया और उन्हें उम्मीदवारी देने का वादा भी किया था। कोहले का दावा है कि अगर उन्हें मैदान में उतारा गया तो सीट वापस बीजेपी के खाते में आएगी। हालांकि पार्टी ने फिलहाल उम्मीदवार का चेहरा क्लीयर नहीं किया है।
विधान परिषद के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सहित राज्य के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक चुनाव कार्यक्रम की घोषणा चुनाव आयोग ने कर दी है। इसके अनुसार नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा।
मतदान का समय सुबह 8 से शाम 4 बजे तक रहेगा। घोषणा के साथ ही चुनावी बिगुल बज गया है। भाजपा व कांग्रेस दोनों ही कई महीनों पहले से ही चुनाव की तैयारी में जुटी हुई हैं। दोनों की ओर से अधिक से अधिक मतदाता पंजीयन का प्रयास किया गया है।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 29 सितंबर को चुनाव की अधिसूचना जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है, जबकि 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर है। 23 अक्टूबर को मतदान के बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर से पहले पूरी की जाएगी।
| चुनाव वर्ष | विजेता | राजनीतिक दल |
|---|---|---|
| 1978 | गंगाधरराव फडणवीस | भारतीय जनसंघ / भाजपा |
| 1984 | गंगाधरराव फडणवीस | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) |
| 1990 | नितिन गडकरी | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) |
| 1996 | नितिन गडकरी | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) |
| 2002 | नितिन गडकरी | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) |
| 2008 | नितिन गडकरी | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) |
| 2014 | अनिल सोले | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) |
| 2020 | अभिजीत वंजारी | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी 6 जिलों में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव प्रक्रिया चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार संचालित की जाएगी। बताते चले कि महाराष्ट्र में 3 स्नातक और 2 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए यह चुनाव हो रहा है।
नागपुर सीट पर पिछला चुनाव कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने जीता था। उनका कार्यकाल 6 दिसंबर को खत्म हो रहा है। इस बार भी कांग्रेस की ओर से वे ही उम्मीदवार हो सकते हैं। वहीं भाजपा अपनी खोयी हुई सीट वापस पाने के लिए तैयारी में जुटी है। उसका उम्मीदवार कौन होगा, यह अभी तय नहीं हुआ है।
बताते चलें कि नागपुर संभाग स्नातक चुनाव क्षेत्र में नागपुर, वर्धा, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और गड़चिरोली जिले शामिल हैं। लंबे समय तक यह सीट भाजपा/जनसंघ से जुड़े नेताओं के पास रही, जबकि 2020 में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने यह क्रम तोड़ा।
1978 व 1984 के चुनाव में स्व. गंगाधरराव फडणवीस और उसके बाद 1990 से 2008 तक के 4 चुनावों में नितिन गडकरी विजयी होते रहे। वर्ष 2002 के चुनाव में तो गडकरी निर्विरोध चुनकर आए थे।
2014 के चुनाव में भाजपा ने (बोट) अनिल सोले को मैदान में उतारा और वे विजयी हुए लेकिन बीते चुनाव में कांग्रेस के वंजारी ने बीजेपी के जोशी को पराजित कर जनसंघ के समय से चले आ रहे बीजेपी के गढ़ से उसे उतार फेंका।
1958 में इस सीट में चुनाव शुरू हुए थे तब जनसंघ के बच्छराज व्यास चुने गए थे। वर्ष 1970 तक के हुए चुनावों में उनके बाद श्रीधर सोहोनी, विष्णु देशपांडे, रामजीवन चौधरी, डॉ। मोतीराम लहाने, डॉ. प्रमिला टोपले विधान परिषद में सदस्य बनकर पहुंचे थे।