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नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट में संशोधन आवेदन दायर किया गया।Z
याचिकाकर्ता ने 98,782 आवेदन लंबित रहने का दावा किया।
मतदाता सूची में लगभग 8,400 दोहरे पंजीकरण होने का आरोप लगाया गया।
अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन को लेकर प्रशासन के बयानों में विरोधाभास का मुद्दा उठाया गया।
Election Commission Notice High Court: नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं को लेकर दायर याचिका में अब याचिकाकर्ता प्रा। सचिन कालबांडे ने संशोधन आवेदन दायर किया है।
इसे स्वीकार करते हुए न्यायाधीश उर्मिला जोशी फालके ने मुख्य चुनाव आयुक्त, राज्य चुनाव आयोग और विभागीय आयुक्त सहित सभी प्रतिवादियों को 30 अक्टूबर तक हलफनामा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इससे पहले हाई कोर्ट ने इस मामले को मुख्य पीठ (मुंबई) को स्थानांतरित कर दिया था। हालांकि मुख्य पीठ ने नागपुर पीठ को ही इस पर सुनवाई करने का आदेश दिया जिसके बाद मंगलवार को मामले पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की ओर से अधि। नीरजा चौबे ने पैरवी की।
याचिका में प्रशासन के विरोधाभासी रवैये पर भी कडा ऐतराज जताया गया। एक तरफ जहां सरकारी वकील ने दावा किया कि अंतिम मतदाता सूची दिसंबर 2025 में ही प्रकाशित कर दी गई थी वहीं दूसरी तरफ चुनाव अधिकारी ने 10 अक्टूबर को जानकारी दी थी कि सूची का काम जारी है और यह कब प्रकाशित होगी, इस बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता।
याचिकाकर्ता ने मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन, आवेदनों की जांच और संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए इस चुनाव प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उच्च न्यायालय से उचित न्याय नहीं मिला तो वे सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) का दरवाजा खटखटाएंगे।
याचिकाकर्ता ने मतदाता सूची में कई गंभीर गड़बड़िया होने का दावा किया। याचिका के अनुसार नामांकन - पत्र जमा करने की अंतिम तिथि तक नागपुर संभाग में 98,782 आवेदन लंबित पड़े हुए थे।
इसके साथ ही मतदाता सूची में लगभग 8,400 मतदाताओं के नाम का दोहरा (डबल) पंजीकरण होने की बात सामने - लाई गई है। इसके अतिरिक्त, नियमों और मान्यताओं के अभाव के बावजूद 'डिप्लोमा' तथा 'डी फार्मा' - धारकों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने का आरोप लगाया गया है।